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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इशरत जहां लश्कर-ए-तैयबा की फिदायीन थीः कोलमैन हेडली

By Manish NegiEdited By:
Updated: Thu, 11 Feb 2016 06:12 PM (IST)

अहमदाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारी गयी इशरत जहां लश्कर-ए-तैयबा की फिदायीन थी। ये खुलासा मुंबई हमलों का आरोपी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने की। एनआईए टीम की शिकागो दौरे के समय हेडली ने ये खुलासा किया। इशरत की लश्कर-ए-तैयबा में खुंखार आतंकी मुजम्मिल ने की थी।

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मुंबई। अहमदाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारी गयी इशरत जहां लश्कर-ए-तैयबा की फिदायीन थी। ये खुलासा मुंबई हमलों का आरोपी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने की। एनआईए टीम की शिकागो दौरे के समय हेडली ने ये खुलासा किया। इशरत की लश्कर-ए-तैयबा में खुंखार आतंकी मुजम्मिल ने की थी।

2004 में इशरत जहां के मुठभेड़ पर गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री अमित शाह और गुजरात पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा था। हेडली के इस खुलासे के बाद इस मुद्दे पर चल रही राजनीति पर विराम लग सकता है। इशरत जहां के साथ मुठभेड़ में दो और आतंकी मारे गए थे जो पाकिस्तानी मूल के थे।

26/11 आतंकी हमले की सुनवाई कर रही सत्र अदालत ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली को सरकारी गवाह बनने की इजाजत दे दी है। अदालत ने उसे कुछ शर्तो पर सजा से माफी दे दी है। मुंबई आतंकी हमले के अभियुक्त हेडली को अमेरिका से यहां की अदालत में गुरुवार शाम वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया। इस दौरान हेडली ने सरकारी गवाह बनने के बदले सजा से माफी की मांग की। इस पर अभियोजन पक्ष ने कहा कि उसे कुछ शर्तो के साथ हेडली का प्रस्ताव मंजूर है।

हेडली को अब अगले साल आठ फरवरी को अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर वीडियो लिंक के जरिये अदालत में पेश किया जाएगा। उसके बयान से हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकियों की भूमिका बेनकाब होने की उम्मीद है।

पढ़े : मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने दी हेडली को 26/11 का आरोपी बनाने की मंजूरी

लश्कर आतंकी को मुंबई हमलों के सिलसिले में 11 मामलों में अभियुक्त बनाया गया है। उसने अपने खिलाफ आरोपों को स्वीकार कर लिया है। हेडली ने कहा कि मैं इन अपराधों में अपनी भूमिका स्वीकार करता हूं। मैं अदालत में गवाह के तौर पर हाजिर होने के लिए भी तैयार हूं।लश्कर आतंकी ने कहा कि अगर अदालत से मुझे माफी मिले तो मैं इस पूरी घटना के संबंध में सवालों का जबाव देने के लिए तैयार हूं। इस मामले में सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने भी अदालत को बताया कि हेडली माफी के बदले गवाह बनने के लिए तैयार है। इसके बाद निकम ने जांच अधिकारियों से सलाह-मशविरे के लिए कुछ वक्त मांगा। इस पर अदालत को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।

हेडली ने अदालत को बताया कि इसी तरह के आरोपों के तहत मुझे अमेरिकी अदालत में गुनहगार ठहराया गया था। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी अदालत पहले ही मुंबई हमलों के लिए हेडली को 35 साल कैद की सजा सुना चुकी है। मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए हमलों में लगभग 170 लोग मारे गए थे। हेडली अमेरिकी अदालत के सामने पहले ही स्वीकार कर चुका है कि उसने कई बार मुंबई का दौरा किया था और ये दौरे हमलों की योजना से जुड़े थे।