विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइएसआइ एजेंटों की गिरफ्तारी में टॉप पर बंगाल

By Manish NegiEdited By:
Updated: Tue, 01 Nov 2016 09:39 PM (IST)

2013 से अब तक भारत में कुल 46 आइएसआइ एजेंटों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें एक तिहाई से अधिक एजेंट व लिंकमैन सिर्फ पश्चिम बंगाल से पकड़े गए हैं।

News Article Hero Image

कोलकाता, (राज्य ब्यूरो)। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए पश्चिम बंगाल सबसे मुफीद जगह बन गया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो आइएसआइ के लिए संवेदनशील जानकारी इकट्ठा व साझा करने के आरोप में पिछले तीन वर्षो में देशभर में हुई गिरफ्तारी के मामले में बंगाल टॉप पर है। 2013 से अब तक भारत में कुल 46 आइएसआइ एजेंटों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें एक तिहाई से अधिक एजेंट व लिंकमैन सिर्फ पश्चिम बंगाल से पकड़े गए हैं।

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन वर्षो में पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से 16 आइएसआइ एजेंटों की गिरफ्तारी हुई है। इस सूची में पश्चिम बंगाल के बाद राजस्थान दूसरे एवं पंजाब तीसरे नंबर है। इधर इस आंकड़े के सामने आने के बाद कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि वास्तव में यह संख्या परेशान करने वाला है। 2013 से अभी तक हुई कुल 16 गिरफ्तारियों में से सिर्फ 2015 में 10 गिरफ्तारी हुई है। यहां बताते चलें कि एसटीएफ ने दिसंबर, 2015 में कोलकाता से तीन आइएसआइ एजेंटों इरशाद अंसारी, अशफाक अंसारी व मोहम्मद जहांगीर को गिरफ्तार किया था। इन सभी से पूछताछ के आधार पर एसटीएफ ने महानगर से तीन और एजेंटों को गिरफ्तार किया जिनमें मुख्य आरोपी शेख बादल भी शामिल है।

बादल पर कोलकाता स्थित प्रमुख रक्षा संस्थान गार्डेनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) में नौसैनिक लड़ाकू जहाजों के निर्माण से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं व नक्शा आइएसआइ को मुहैया कराने का आरोप है। वहीं इरशाद के पास से हाथ से तैयार जीआरएसई का एक नक्शा बरामद किया गया था। इसके अलावा पिछले साल ही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सिलीगुड़ी से भारतीय सेना के एक राइफलमैन को आइएसआइ के साथ लिंक होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

आइएसआइ का अड्डा बन गया है पाक उच्चायोग : भाजपा