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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जानें आखिर भारत क्यों नहीं भेजना चाहता है अफगानिस्तान में अपनी सेना

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Wed, 27 Sep 2017 05:59 PM (GMT+05:30)

    अमेरिका की मांग के बाद भी भारत अफगानिस्तान में अपनी सेनाएं फिलहाल नहीं भेजेगा, लेकिन ऐसा करने की वजह क्या है। जानें ...और पढ़ें

    जानें आखिर भारत क्यों नहीं भेजना चाहता है अफगानिस्तान में अपनी सेना
    जानें आखिर भारत क्यों नहीं भेजना चाहता है अफगानिस्तान में अपनी सेना

    नई दिल्‍ली (स्‍पेशल डेक)। अमेरिका रक्षा मंत्री जेम्‍स मैटिस ने अपने पहले भारत दौरे पर एक बार फिर से अफगानिस्‍तान में भारत से सैन्‍य सहयोग की मांग की है। इस तरह की मांग अमेरिका की तरफ से पहली बार उठी है। दरअसल, डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपनी नई अफगान नीति को लागू करते हुए भारत से इसमें सहयोग मांगा था। ट्रंप का कहना था कि भारत को अफगानिस्‍तान में अपनी सेना भेजनी चाहिए। हालांकि अमेरिका की इस बदली पॉलिसी से और इसमें दी गई भारत को तवज्‍जो से पाकिस्‍तान को काफी परेशानी हुई है और वह खासा नाराज भी है। लेकिन दूसरी तरफ भारत के इस बाबत कोई फैसला लेने से पहले ही पाकिस्ता‍न की तरफ से यह कह दिया गया कि उसे अफगानिस्तापन में भारत की किसी तरह की कोई मौजूदगी पसंद नहीं होगी।

    हालांकि भारत ने बेहद स्‍पष्‍ट शब्‍दों में मैटिस की इस अपील को खारिज करते हुए कहा कि वह अफगानिस्‍तान में अपनी सेनाएं नहीं भेजेगा। बहरहाल, मैटिस ने भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई मुलाकात के दौरान एक बार फिर यह अपील कर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्‍या भारत को अफगानिस्‍तान में अपनी सेना को भेजना सही होगा।

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    इसी सवाल पर Jagran.Com से बात करते हुए ऑब्‍जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के प्रोफेसर हर्ष वी पंत ने कहा कि अमेरिका जिस तरह से धीरे-धीरे अपनी सेना की अफगानिस्‍तान में कटौती कर रहा है ऐसे में वहां से चले जाने पर जो वैक्‍यूम पैदा होगा उसकी भी भरपाई करनी जरूरी होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वहां पर एक बार फिर से आतंकी संगठनों की ताकत बढ़ जाएगी। वहीं दूसरी तरफ अफगानिस्‍तान में भारत का काफी सारा निवेश हुआ है। ऐसे में वहां पर उस निवेश की सुरक्षा एक बड़ा सवाल है। इस लिहाज से वहां पर सेना का भेजा जाना जरूरी लगता है। लेकिन इसकी शुरुआत वहां की सरकार से बातचीत करके होनी चाहिए।

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    अफगानिस्‍तान में भारत को सेना भेजने से संबंधित सवाल पर प्रोफेसर पंत का कहना था कि इस तरह की मांग केवल अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और फिर अब जेम्‍स मैटिस की तरफ से की गई है। यदि इस तरह की मांग अफगानिस्‍तान करता है तो भारत को जरूर सेना भेजने पर विचार करना चाहिए। लेकिन इस तरह की मांग फिलहाल अफगानिस्‍तान की तरफ से नहीं की गई है। ऐसे में भारत की तरफ से वहां सेना भेजने का फैसला सही नहीं होगा। उनका यह भी कहना था कि अफगानिस्‍तान में वहां की आर्मी को भारत की तरफ से ट्रेनिंग दी जा रही है। यह इस लिहाज से जरूरी है क्‍योंकि अमेरिकी फौज के वहां न रहने से जो वैक्‍यूम पैदा होगा उसको भरने में यह सहायक साबित होगी।

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