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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कश्मीर के बाद अब पंजाब में खालिस्तान की मुहिम को हवा दे रहा है ना-पाक पाकिस्ता‍न

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Sat, 18 Nov 2017 10:18 AM (GMT+05:30)

    पाकिस्ता‍न पंजाब के लिए अपने ना-पाक इरादे पर काम कर रहा है। कश्मीर के बाद अब यहां का माहौल खराब करने पर उसकी निगाहें हैं। ...और पढ़ें

    कश्मीर के बाद अब पंजाब में खालिस्तान की मुहिम को हवा दे रहा है ना-पाक पाकिस्ता‍न
    कश्मीर के बाद अब पंजाब में खालिस्तान की मुहिम को हवा दे रहा है ना-पाक पाकिस्ता‍न

    नई दिल्‍ली (स्‍पेशल डेस्‍क)। ननकाना साहिब सिखों के लिए बेहद पवित्र स्‍थान है। पवित्र इसलिए क्‍योंकि यह स्‍थान सिखों के पहले गुरू नानक देव जी की जनमस्‍थली है। लेकिन अब इसी जन्‍मस्‍थली से पाकिस्‍तान अपने ना-पाक और खतरनाक इरादों को साकार करने में लगा है। दरअसल, ननकाना साहिब में पिछले दिनों खालिस्‍तान के पोस्‍टर लगे दिखाई दिए हैं। इन पोस्‍टरों में भिंडरावाला को दिखाया गया था और इसमें लिखा था ‘सिख रेफ्रेंडम 2020’। यह मामला श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व से जुड़ा है, जिसमें भारत से भी सिखों के कई जत्‍थे गए थे। मामला भले ही कुछ समय पहले का हो लेकिन पाकिस्‍तान का यह मंसूबा भारत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। कश्मीर के बाद अब पाकिस्तान की निगाहें पंजाब में अस्थिरता लाने और माहौल अशांत करने पर टिकी हैं।

    1984 में स्‍वर्ण मंदिर मारा गया था भिंडरावाला

    गौरतलब है कि भिंडरावाला को भारतीय फौज ने ऑपरेशन ब्‍लू स्‍टार में उसके कई साथियों के साथ जून 1984 को स्‍वर्ण मंदिर में मार गिराया था। भिंडरावाला पंजाब में चरमपंथ की अगुआई और इसकी शुरुआत करने वालों में से था। पाकिस्‍तान अपने नए मंसूबे के तहत पंजाब को भारत से अलग करने की साजिश रच रहा है। इसके तहत ही ननकाना साहिब में इस तरह के पोस्‍टर लगाए गए थे। इस दौरान ननकाना साहिब गए श्रद्धालुओं ने भी इस बात की तसदीक की कि वहां पर भिंडरावाला के पोस्‍टर लगाए गए थे। लेकिन साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि इसको लेकर कोई अनाउंसमेंट या भाषणबाजी वहां पर नहीं हो रही थी। इन श्रद्धालुओं ने यह भी माना कि वहां पर खालिस्‍तान समर्थकों के कुछ स्‍टॉल भी मौजूद थे।

    भिंडरावाला को था पाक का समर्थन

    यहां पर यह बात ध्‍यान में रखनी बेहद जरूरी है कि खालिस्तान समर्थक भिंडरावाला को भी उस वक्‍त पाकिस्‍तान की तरफ से खुला समर्थन मिल रहा था। अब यही सिलसिला पाकिस्‍तान दोबारा शुरू करने की खतरनाक साजिश रच रहा है। कश्‍मीर के बाद पाकिस्‍तान की नजर अब पंजाब पर लगी है और वह यहां की शांति को बर्बाद करने की साजिश रचने में लगा है। वहीं दूसरी ओर वह अपने यहां पर हो रहे ब‍लूचिस्‍तान फ्री मूवमेंट से नजरें चुरा रहा है।

    खत्‍म हो चुकी मुहिम को भड़काने में लगा पाक

    रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा भी मानते हैं कि पाकिस्‍तान की नजर कश्‍मीर के बाद पंजाब पर टिकी हुई है। वह लगातार खालिस्‍तान की खत्‍म हो चुकी मुहिम को भड़काने में लगा हुआ है। लेकिन पंजाब के लोग अब इस ओर ध्‍यान नहीं देते हैं। उन्‍हें इससे कोई लेना देना नहीं है। इसकी वजह यह है कि खालिस्‍तान की वजह से पूर्व में पाकिस्‍तान को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। अब इसके लिए वह दोबारा तैयार नहीं है, लेकिन पाकिस्‍तान इसको भड़काने में लगा है। पाकिस्‍तान की पूरी कोशिश है कि कश्‍मीर में माहौल खराब करने के साथ पंजाब में हिसां भड़काई जा सके। उनके मुताबिक पाकिस्‍तान समेत दुनिया के कुछ देशों में खालिस्‍तान के कुछ गिने-चुने समर्थक बचे हुए हैं। यह लोग लगातार फंडिंग करते हैं और पाकिस्‍तान से भी इन्‍हें मदद दी जाती है।

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    बलूचिस्‍तान के विरोध को कुचल रहा है पाक

    बलूचिस्‍तान के सवाल पर आगा का कहना था कि वहां पर पाकिस्‍तान की पूरी कोशिश इसको कुचलने की रहती है। लिहाजा इसके लिए वह वहां पर हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। उन्‍होंने यह भी कहा कि बलूचिस्‍तान में पाकिस्‍तान को लेकर जबरदस्‍त विरोध है। इसके अलावा सिंध, खैबर पख्‍तनूख्‍वां में भी सरकार को लेकर जबरदस्‍त विरोध है। आलम यह है कि मौजूदा समय में नवाज शरीफ को भी वहां पर पसंद नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि वह सेना के पर कतरने के समर्थक रहे हैं। पाकिस्‍तान की मौजूदा स्थिति लगातार खराब हो रही है। उन्‍होंने सीधेतौर पर कहा कि इस पूरे क्षेत्र में पाकिस्‍तान की स्थिति उत्तर कोरिया की तरह ही हो रही है। यूं भी उत्तर कोरिया और पाकिस्‍तान में काफी कुछ समानताएं भी हैं। वह मानते हैं कि पंजाब को लेकर पाकिस्‍तान के ना-पाक इरादे के बाबत भारत को सतर्क रहने की जरूरत है।

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