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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उड़ी आतंकी हमले के पीछे जैश का हाथ, बरामद हुए पाकिस्तान के बने हथियार: सेना

    By Rajesh KumarEdited By:
    Updated: Sun, 18 Sep 2016 06:26 PM (IST)

    रविवार तड़के आर्मी कैंप पर हुए हमले में मारे गए सभी आतंकी विदेश थी और उनसे बरामद हुए हथियार पाकिस्तान से लाए गए थे। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। उड़ी स्थित सेना कैंप पर रविवार तड़के हुए आतंकी हमले जो हथियार इस्तेमाल किए गए थे उनमें से कुछ हथियार आतंकी पाकिस्तान से लेकर आए थे। मिलिट्री ऑपरेशंस के डायरेक्टर जनरल रणबीर सिंह ने कहा कि इस मामले में भारत ने अपनी गहरी आपत्ति से पाकिस्तान को अवगत करा दिया है।

    उड़ी हमले में जैश का हाथ

    इस खतरनाक आतंकी हमले में 17 जवानों के शहीद होने की जानकारी देते हुए डीजीएमओ ने यह भी कहा कि हमले को लेकर शुरूआती रिपोर्ट से पता चलता है कि हमले में शामिल सभी लोग विदेशी थे और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के गुर्गों का इसमें हाथ था। सेना के मुताबिक, जिन आतंकियों ने सेना पर धावा बोला वो सभी पूरी तरह बंदूक से लैस थे। सेना ने उन मारे गए आतंकियों के पास से चार एके-47 और चार ग्रेनेड्स बरामद किए हैं।

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    आतंकी हमले के मास्टरमाइंड को कड़ा जवाब देने की बात कहते डीजीएमओ ने कहा, “मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि किसी भी तरह के खतरनाक आतंकी मंसूबों का जवाब देने के लिए आतंकी पूरी तरह से तैयार है। वे उन्हें उसी भाषा में जवाब देंगे।”

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    टैन्ट में आग से हुआ ज्यादा नुकसान

    डीजीएमओ ने यह भी साफ किया कि इतनी बड़ी तादाद में सैनिकों के शहीद होने की बड़ी वजह अस्थायी तौर पर जवानों के लिए बने शेल्टर और टेन्ट्स में आग लगना है। रणबीर सिंह ने कहा, उड़ी में सघन तलाशी और जांच के बाद ऐसा पता चला कि 17 जवानों में से 13 या 14 जवान वहां पर टैन्ट में आग लगने के चलते शहीद हुए हैं।

    घायल जवानों से मिले रक्षामंत्री

    उधर, रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर को श्रीनगर स्थित सेना मुख्यालय में उड़ी हमले से संबंधित सारी जानकारी दी गई। उसके बाद पर्रीकर ने घायल सैनिकों से मुलाकात की। जबकि, उड़ी हमले के विरोध में जम्मू हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सभी हाईकोर्ट समेत सभी कोर्ट में सोमवार को काम ना करने का फैसला किया है।