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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फिर भड़क सकता है जाट अांदोलन, यहां से होगी शुरुअात

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Mon, 30 May 2016 10:26 PM (IST)

जाट अांदोलन के लिए इस बार ऐसे गांव का चयन किया जा रहा है जहां हिंसा न हो और आपराधिक तत्वों को रोका जा सके। आंदोलन का मुख्य बिंदू मय्यड़ होगा।

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जागरण संवाददाता, हिसार। प्रदेश में इस बार जाट आंदोलन ग्रामीण स्तर से शुरू किया जाएगा। इसके लिए ऐसे गांव का चयन किया जा रहा है जहां हिंसा न हो और आपराधिक तत्वों को रोका जा सके। फिर आंदोलन का मुख्य बिंदू मय्यड़ होगा। यहां पर रैली के साथ प्रदेश में धरने शुरू किए जाएंगे।

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 5 जून से आंदोलन का एलान किया है। समिति की योजना के तहत हिसार शहर से करीब 15 किलोमीटर दिल्ली हाइवे पर मय्यड़ गांव में आरक्षण के लिए धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मय्यड़ केंद्र बिंदु होने के कारण आरक्षण की आग से शहर भी प्रभावित होगा। समिति पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मय्यड़ के बाद प्रदेश के अन्य गांव में ही धरने दिए जाएंगे। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बताया कि ऐसे गांव में धरना प्रदर्शन किए जाएंगे जहां कोई असामाजिक तत्व आकर दंगा न कर सके।

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यहां भी दिए जाएंगे धरने

-दिल्ली के सभी बार्डर पर छह जून को धरने जाएंगे। इसके बाद दस जून से अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा।

-उत्तर प्रदेश में 61 जगह धरने लगाए जाएंगे। 8 से 30 जून तक सहारनपुर, बुलंदशहर सहित अन्य जिलों में धरने होंगे।

- उत्तराखंड में 11 जून से हरिद्वार में धरना दिया जाएगा। हालांकि अभी स्थान तय नहीं किया गया है।

- हिमाचल प्रदेश और जम्मू एंड कश्मीर में 11 जून के बाद ज्ञापन देने का कार्यक्रम है।

- पंजाब में दस या 11 जून से पांच जिलों में धरने दिए जाएंगे।

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ओएसडी पहुंचे हिसार

मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेंद्र ने उपायुक्त निखिल गजराज और पुलिस अधीक्षक अश्र्वीन शैणवी के साथ बैठक की। इसमें जाट आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा हुई।

बातचीत जारी है

ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं। प्रयास है कि पांच जून से पहले बातचीत कर ली जाए और आंदोलन न होने दें।

- निखिल गजराज, उपायुक्त, हिसार।

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