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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेशनल हेराल्ड केस: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तारीख पर सस्पेंस

By Manish NegiEdited By:
Updated: Thu, 11 Feb 2016 11:56 AM (IST)

नेशनल हेराल्ड केस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर एक अजीब उलझन हो गई है। मामले की सुनवाई 12 फरवरी को होनी है, लेकिन याचिकाकर्ता सुब्रहमण्यम स्वामी ने अदालत को बताया कि वो सुनवाई के लिए 19 फरवरी तक मौजूद नहीं रह पाएंगे।

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नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड केस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर सस्पेंस पैदा हो गया है। मामले की सुनवाई 12 फरवरी को होनी है, लेकिन याचिकाकर्ता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अदालत को बताया कि वो सुनवाई के लिए 19 फरवरी तक मौजूद नहीं रह पाएंगे। हालांकि स्वामी ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए 12 फरवरी को सहमति दे दी थी, बाद में टेलीफोन पर बताया कि वह अनुपलब्ध हैं।

वहीं, कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से सुनवाई की तय तारीख 12 फरवरी को ही करने की मांग की है। सिबल का कहना है कि 20 फरवरी को पटियाला हाउस में पेश होना है। इसलिए मामले की सुनवाई जरूरी है।

क्या है मामला ?

भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी से लोन देने के नाम पर नेशनल हेराल्ड की दो हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली।

पहले नेशनल हेराल्ड की कंपनी एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को कांग्रेस ने 26 फरवरी, 2011 को 90 करोड़ रुपये का लोन दे दिया। इसके बाद पांच लाख रुपये से यंग इंडिया कंपनी बनाई, जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के पास है।

इसके बाद के 10-10 रुपये के नौ करोड़ शेयर यंग इंडिया को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडिया को कांग्रेस का लोन चुकाना था। नौ करोड़ शेयर के साथ यंग इंडिया को एजेएल के 99 फीसदी शेयर हासिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन भी माफ कर दिया। यानी यंग इंडिया को मुफ्त में एजेएल का स्वामित्व मिल गया।

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