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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'कश्मीर समस्या का हल बातचीत से ही संभव'

By Manish NegiEdited By:
Updated: Tue, 13 Dec 2016 10:32 PM (IST)

शिष्टमंडल ने कहा कि कश्मीर समस्या को हल किए बिना दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने और मध्य एशिया में शांति बहाली की कोशिशें करना बिलकुल बेकार है।

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बारामुला, जागरण संवाददाता। कश्मीर समस्या का हल बातचीत से ही मुमकिन है। हर कश्मीरी की ख्वाहिश है कि यह समस्या हल करने के लिए भारत और पाकिस्तान बातचीत का रास्ता अपनाए। यह बात बारामुला सिविल सोसायटी, सीनियर सिटीजन ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री यशवंत सिंहा के नेतृत्व में दिल्ली से आए प्रतिनिधिमंडल से कही।

जिले के डाक बंगला में करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक के दौरान शिष्टमंडल ने कहा कि कश्मीरी मसले के हल के लिए बातचीत के सिवाय कोई दूसरा रास्ता नहीं अपनाना चाहते हैं, लेकिन केंद्र द्वारा उदासीनता दिखाने के चलते कश्मीरी वैकल्पिक रास्ता अपनाने पर मजबूर हुए हैं।

शिष्टमंडल ने कहा कि कश्मीर समस्या को हल किए बिना दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने और मध्य एशिया में शांति बहाली की कोशिशें करना बिलकुल बेकार है। उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या हल करने के बाद ही दोनों देश एक दूसरे के करीब आ सकते हैं और मध्य एशिया में शांति बहाल हो सकती है। उन्होंने नई दिल्ली से आए प्रतिनिधिमंडल से आग्रह किया कि वह वापस जाकर घाटी की स्थिति की सही जानकारी दें और कश्मीर समस्या के हल के लिए कश्मीरियों की मंशा से केंद्र को अवगत कराएं।

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