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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार ने लोकपाल कानून को और कमजोर कर दिया: केजरीवाल

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Updated: Sun, 15 Dec 2013 06:55 PM (IST)

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने लोकपाल कानून को मजबूत करने की बजाय और कमजोर कर दिया है। इसके अलावा जब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को जब तक स्वायत्तता प्रदान नहीं की जाएगी, तब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग सकता।

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने लोकपाल कानून को मजबूत करने की बजाय और कमजोर कर दिया है। इसके अलावा जब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को जब तक स्वायत्तता प्रदान नहीं की जाएगी, तब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग सकता।

रविवार को यहां कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल ने कहा कि अन्ना हजारे द्वारा सरकारी लोकपाल को समर्थन देने से वह निराश हैं। भाजपा और कांग्रेस मिलकर अन्ना को गुमराह कर रहे हैं। तबियत ठीक होने के बाद वह खुद रालेगण सिद्धि जाएंगे और अन्ना से बात करेंगे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में अन्ना की जिन तीन मांगों पर संसद में सहमति बनी थी, उनमें से एक भी मांग सरकारी लोकपाल बिल में शामिल नहीं है। 'इस कानून के बनने से आदमी तो आदमी, चूहा तक जेल नहीं जा सकता'। इसलिए जन लोकपाल कानून की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।

अन्ना का सरकारी लोकपाल को समर्थन

'आप' नेता प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार ने बिल पास करने से पहले सार्वजनिक नहीं किया। फिर भी स्थायी कमेटी की सिफारिशों को भी मान लिया गया हो, तब भी इस बिल में काफी खामियां हैं, जिसे लागू नहीं किया जाना चाहिए।

पूर्व कानून मंत्री एवं 'आप' के वरिष्ठ नेता शांति भूषण ने सरकारी लोकपाल को जोकपाल कह कर दावा किया कि इससे भ्रष्टाचार नहीं मिटेगा।

ये हैं तीन खामियां

सरकार के लोकपाल में तीन अहम मुद्दे हैं जिनपर 'आप' को ऐतराज है।

- लोकपाल के पास जांच के लिए अलग से कोई एजेंसी नहीं होगी। सीबीआई ही जांच करेगी। और सीबीआई के अफसरों की पोस्टिंग, ट्रांसफर और प्रमोशन का अधिकार सरकार के पास है।

- लोकपाल का चयन बहुत हद तक राजनीतिक दलों के हाथ होगा। लोकपाल को चुनने में शामिल होने वालों में शामिल होंगे प्रधानमंत्री, लोकसभा स्पीकर और विपक्ष का नेता।

- सिटीजन चार्टर में ए, बी, सी और डी सभी वगरें के कर्मचारियों के भ्रष्टाचार को दायरे में लाने की बात थी। लेकिन सरकारी लोकपाल बिल में सिर्फ ए गु्रप को ही शामिल किया गया है।

किरण बेदी की इज्जत करता हूं : केजरीवाल

मैं किरण बेदी की बहुत इज्जत करता हूं। वह मेरी बड़ी बहन जैसी हैं और देश की कर्मठ पुलिस अफसर रही हैं। किरण ने ही सीबीआई की स्वायत्तता की बात उठाई थी। फिर अब वह कैसे सरकारी लोकपाल कानून को स्वीकार कर सकती हैं।

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