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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केजरीवाल होंगे दिल्ली के नए सीएम, रामलीला मैदान में लेंगे शपथ

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Updated: Mon, 23 Dec 2013 07:36 PM (IST)

15 दिन चले हाई वोल्टेज सियासी ड्रामे के बाद आखिरकार सोमवार को साफ हो गया कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी [आप] की सरकार बने ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण न्यूज नेटवर्क]। 15 दिन चले हाई वोल्टेज सियासी ड्रामे के बाद आखिरकार सोमवार को साफ हो गया कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी [आप] की सरकार बनेगी। पार्टी विधायक दल के नेता के रूप में भारतीय राजस्व सेवा [आइआरएस] के पूर्व अधिकारी केजरीवाल ने उप राज्यपाल नजीब जंग से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। जंग ने उनके दावे पर सहमति जताते हुए उसे औपचारिक स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा है। राष्ट्रपति भवन से ही शपथ ग्रहण की तारीख तय होगी। शपथ ग्रहण समारोह रामलीला मैदान में होना तय हुआ है।

देश की राजधानी में हुए इस नए राजनीतिक प्रयोग में सब कुछ हुआ। साल भर पहले बनी पार्टी ने राजनीतिक पंडितों को अचंभित करते हुए 70 में से 28 सीटें जीतीं। इसके बाद कांग्रेस को खरी-खोटी सुनाते हुए बिना मांगे उसका समर्थन हासिल किया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को 18 बिंदुओं वाली चिट्ठी भेजी, जिसकी ज्यादातर बातें पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर प्रहार स्वरूप थीं। इसके बाद करीब हफ्ते भर समर्थकों से सरकार बनाने को लेकर रायशुमारी की। केजरीवाल और उनकी पार्टी ने रविवार को ही साफ संकेत दे दिए थे कि वे सरकार बनाने जा रहे हैं, सोमवार को आप की राजनीतिक मामलों की समिति ने इस संकेत पर सहमति की मुहर लगा दी। इसी के बाद केजरीवाल ने उप राज्यपाल से मिलकर औपचारिक दावा पेश किया। वैसे आप और आठ विधायकों वाली कांग्रेस के बीच जली-कटी का दौर जारी है।

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उप राज्यपाल से मुलाकात के बाद केजरीवाल ने कहा कि शपथ लेने के बाद वह विधानसभा में विश्वास मत पेश करेंगे और देखेंगे क्या होता है। यह दिल्ली की पहली अल्पमत सरकार होगी। जबकि 45 वर्षीय केजरीवाल सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री होंगे। आप की सरकार बनने की संभावना दिल्ली चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा (31) के इन्कार के बाद पैदा हुई। इसी के बाद 15 दिन तक चली गतिविधियों में कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने की आप की 'ना' से 'हां' हुई। इस दौरान आप के घोषणा पत्र की भी खासी चर्चा हुई जिसमें दिल्ली को आधी दर पर बिजली उपलब्ध कराने और प्रतिदिन सात सौ लीटर पानी मुफ्त देने जैसी लोक लुभावन योजनाओं को क्रियान्वित करने की चुनौती दी गई।

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