यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लखवी की जमानत एक बड़ी नाकामी : निकम
मुंबई आतंकी हमला मामले के लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने उस हमले के गुनहगार लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के शीर्ष कमांडर जकीउर रहमान लखवी को जमानत मिलने को बड़ी नाकामी करार दिया है। पाकिस्तान की एक अदालत ने 2008 में 26 नवंबर को हुए मुंबई हमले के मामले में लखवी को जमानत

मुंबई। मुंबई आतंकी हमला मामले के लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने उस हमले के गुनहगार लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के शीर्ष कमांडर जकीउर रहमान लखवी को जमानत मिलने को बड़ी नाकामी करार दिया है। पाकिस्तान की एक अदालत ने 2008 में 26 नवंबर को हुए मुंबई हमले के मामले में लखवी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। निकम ने पाकिस्तानी प्रशासन से कहा है कि उसे लखवी की जमानत रद कराने के लिए ऊंची अदालत में जाना चाहिए क्योंकि मुंबई हमले के पीछे असली आतंकी हाफिज सईद और लखवी ही हैं।
निकम ने कहा, यह वास्तव में एक बड़ी नाकामी है क्योंकि जब लखवी जमानत पर होगा तो अभियोजन पक्ष के गवाह आगे आकर सुबूत नहीं देंगे। लखवी मुंबई हमले के उन सात पाकिस्तानी अभियुक्तों में है जिसने मुंबई पर हमले की साजिश रची थी और हमले में सहयोग किया था। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ना चाहता है तो उसे सबसे पहले देश के अंदर से निकलते आतंकवाद से लड़ना चाहिए क्योंकि यह समस्या वहां अर्से है।

