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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेल किराए में बढ़ोतरी पर बोले लालू-महंगे दिन आ गए

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Updated: Sat, 21 Jun 2014 12:34 PM (IST)

अच्छे दिन का वादा कर सत्ता में आने वाली नरेंद्र मोदी सरकार ने शुक्रवार को रेल बजट से पहले ही रेल किराए में 14.2 फीसद तथा मालभाड़े में करीब 6.4 फीसद की ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। अच्छे दिन का वादा कर सत्ता में आने वाली नरेंद्र मोदी सरकार ने शुक्रवार को रेल बजट से पहले ही रेल किराए में 14.2 फीसद तथा मालभाड़े में करीब 6.4 फीसद की बढ़ोतरी कर दी। सरकार के इस फैसले के साथ ही राजनीतिक हस्तियों ने इस पर ऐतराज जताना भी शुरू कर दिया है। पूर्व रेलमंत्री तथा राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मोदी के इस फैसले से साबित हो गया कि अच्छे दिन नहीं बल्कि महंगे दिन आ गए। लालू ने कहा कि मोदी ने चुनाव से पहले देश की जनता को अच्छे दिनों का झांसा दिया लेकिन अब हकीकत लोगों के सामने है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सरकार के इस फैसले को अनावश्यक मानते हुए कहा कि यह अच्छे दिन का आगाज नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कमार ने रेल किराए में बढोतरी को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि इससे गलत परंपरा की शुरुआत होगी। सारी बातें रेल बजट के दौरान आनी चाहिए थीं। रेल मंत्री को खुद सारी बातों को सामने रखना चाहिए। इस कदम से जनता के लिए अच्छे दिनों की तो शुरुआत नहीं होगी। बिहार में भाजपा के साथ तकरीबन 17 वर्षो तक गठबंधन में रहे तथा बिहार में सत्ता का सुख भोग चुके नीतीश भाजपा की तरफ से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजग गठबंधन से बाहर हो गए थे। हालांकि जनता ने तत्काल ही उनके फैसले को गलत साबित कर दिया था और लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी से महज दो उम्मीदवार ही जीत पाए थे।

कांग्रेस पार्टी के राशिद अल्वी ने रेल बजट से पहले ही किराए में बढ़ोतरी को गलत परंपरा बताते हुए इसका विरोध किया है। सपा के नरेश अग्रवाल ने भी सरकार के इस फैसले को गैर जरूरी माना है।

हालांकि सरकार के फैसले का बचाव करते हुए भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि सरकार रेल यात्रियों को सुरक्षा और सहूलियत देना चाहती हे जिसके लिए किराए में बढोतरी के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। दरअसल, किराए बढ़ाने का यह फैसला यूपीए सरकार का ही है लेकिन चुनाव घोषित होने के बाद इसको लागू नहीं किया जा सका था।

पढ़ें: बजट से पहले ही रेल किराए में बढ़ोतरी