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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हार्दिक ने लिखा पत्रः जाट और गुर्जर को आरक्षण तो पाटीदारों को क्यों नहीं

By anand rajEdited By:
Updated: Thu, 21 Apr 2016 02:05 PM (IST)

राजद्रोह केस में जेल में बंद पाटीदार आरक्षण आंदोलन (पास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने जेल से एक पत्र लिखा है।

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अहमदाबाद। राजद्रोह केस में जेल में बंद पाटीदार आरक्षण आंदोलन (पास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने जेल से एक पत्र लिखा है। जिसमें उसने सवाल किया है कि राजस्थान में गुर्जर और हरियाणा में जाट को आरक्षण मिल सकता है तो गुजरात में पाटीदारों क्यों नहीं?

हार्दिक ने पत्र में सरकार, मीडिया और समाज के अग्रणियों को संबोधित करते हुए लिखा है कि राजस्थान का गुर्जर आंदोलन कितने समय चला, उसके रचेयता कर्नल बेसला है, गुर्जरों की क्या मांग थी। तोफानों में राज्य सरकार और किन्द्र सरकार को कितना नुकसान हुआ। हिंसा में कितने पुलिस अधिकारी व गुर्जरों की मौत हुई है।

कितने लोगों पर केस दर्ज हुआ है, और आखिरकार इसका क्या परिणाम आया है। यही हाल जाट आरक्षण आंदोलन का है। वहीं गुजरात में आरक्षण की मांग कर रहे पाटीदारों का क्या? इनके नेता हार्दिक पटेल गत नौ महीने से आंदोलन चला रहे है। कितनों ने ही पाटीदारों ने आत्महत्या कर ली। पुलिस कर्मचारियों की मौत भी हुई।

अपराधिक मामले में दर्ज है। सरकार के करोड़ो रुपयों का नुकसान हुआ। लेकिन क्या परिणाम आया। पाटीदार अपने हक की लड़ाई लड़ रहे है। परंतु कई लोग इसे हिंसा भड़काने तथा सरकार को हिलाने के नजर से देख रहे है। भारत में और भी आंदोलन हुए है। किसी पर राजद्रोह का केस नहीं किया गया है।