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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेता विपक्ष पर लोकपाल अधिनियम में संशोधन अगले सत्र में

By manoj yadavEdited By:
Updated: Sat, 27 Dec 2014 06:23 PM (IST)

लोकपाल के सदस्यों और अध्यक्ष का चुनाव करने वाली चयन समिति में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को शामिल करने के लिए अगले सत्र में लोकसभा में एक विधेयक पेश किया जाएगा।

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नई दिल्ली। लोकपाल के सदस्यों और अध्यक्ष का चुनाव करने वाली चयन समिति में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को शामिल करने के लिए अगले सत्र में लोकसभा में एक विधेयक पेश किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि लोकपाल अधिनियम में तकनीकी खामियां दूर करने के लिए कुछ संशोधन किए जाने की आवश्यकता है। निचले सदन में विपक्ष का कोई नेता नहीं है। इसलिए सरकार ने लोकपाल की चयनसमिति में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को शामिल किए जाने की सिफारिश की है। सरकार का इरादा है कि भ्रष्टाचार निरोधक (संशोधन) बिल, 2013 समेत भ्रष्टाचार रोधी सभी लंबित विधेयकों का निस्तारण तीव्रता से हो।

उल्लेखनीय है कि लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम के लिए गठित चयन समिति का नेतृत्व खुद प्रधानमंत्री करते हैं। उनकी ओर से नामित इसमें लोकसभा अध्यक्ष, लोकसभा में विपक्ष के नेता, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आदि सदस्य हो सकते हैं। इसके अलावा, राष्ट्रपति की ओर से नामित अन्य प्रमुख न्यायाधीश और अन्य लोग भी इस चयन समिति के सदस्य हो सकते हैं।

मौजूदा लोकसभा में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस की विपक्ष के नेता का दर्जा दिए जाने की मांग को पहले ही ठुकरा दिया है। चूंकि इस 543 सदस्य लोकसभा में इस बार कांग्रेस के केवल 44 सांसद हैं। इस हिसाब से 282 सांसदों वाली भाजपा के बाद कांग्रेस दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी तो है, लेकिन विपक्ष के नेता का दर्जा हासिल करने के लिए उसके पास 11 सीटें कम हैं। इस पद के लिए लोकसभा में कम से कम 55 सीटें होनी चाहिए।

सेवानिवृत्ति की उम्र पर अभी विचार नहीं :

जितेंद्र सिंह ने सरकारी कामकाज पर एक ई-बुक लांच करते हुए कहा कि सरकार के ध्यानार्थ सेवानिवृत्ति की उम्र घटाने या बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सेवानिवृत्ति की आयु 60 साल है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही एक ऐसा कार्यक्रम शुरू करेगी जिससे वरिष्ठ अधिकारियों को स्कूल के छात्रों से बातचीत करने का मौका दिया जाएगा।

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