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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस भंग करना चाहते थे महात्मा गांधी

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Updated: Tue, 02 Apr 2013 08:33 PM (IST)

चेन्नई। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने आजादी के बाद महात्मा गांधी द्वारा कांग्रेस भंग करने की इच्छा जताने से जुड़े कुछ दस्तावेजी सुबूत पेश किए। राज ...और पढ़ें

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चेन्नई। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने आजादी के बाद महात्मा गांधी द्वारा कांग्रेस भंग करने की इच्छा जताने से जुड़े कुछ दस्तावेजी सुबूत पेश किए। राज्य विधानसभा के कुछ सदस्यों ने महात्मा गांधी की इस इच्छा को साबित करने वाले सुबूतों की मांग की थी। जयललिता ने 'द कलेक्टेड व‌र्क्स ऑफ महात्मा गांधी-वॉल्यूम 90' के कुछ अंश पढ़कर सभी को चौंका दिया।

मुख्यमंत्री ने किताब के एक अंश को पढ़ा, जिसमें लिखा था, 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सुझावों के मुताबिक देश को बंटवारे के बावजूद राजनीतिक स्वतंत्रता मिल गई है। अब कांग्रेस के मौजूदा स्वरूप की उपयोगिता खत्म हो गई है।' सोमवार को एक चर्चा के दौरान निकाय प्रशासन व ग्रामीण विकास मंत्री केपी मुनुसामी ने कहा था कि आजादी के बाद गांधीजी कांग्रेस को भंग करना चाहते थे।

कांग्रेस विधायक एस. विजयधरानी और प्रिंस ने इसका विरोध किया। उनका दावा था कि महात्मा गांधी ने इस संबंध में कभी कुछ नहीं कहा था। उन्होंने इसे साबित करने के लिए साक्ष्य पेश करने को कहा। इस पर मुनुसामी ने कहा कि यह इतिहास है, लिहाजा साक्ष्य पेश करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, मंगलवार को जयललिता ने अपने मंत्रियों की बात साबित करने के लिए सुबूत पेश किया।

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