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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्र की नई सरकार से ममता को उम्मीद

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Updated: Tue, 18 Feb 2014 07:43 PM (IST)

राजनीतिक बयानबाजियों व कयासों को जोड़कर ममता-मोदी की जुगलबंदी की अटकलें लगाई जा रही हैं। बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी सरकार के चौथे बजट भाषण स ...और पढ़ें

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कोलकाता [जागरण ब्यूरो]। राजनीतिक बयानबाजियों व कयासों को जोड़कर ममता-मोदी की जुगलबंदी की अटकलें लगाई जा रही हैं। बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी सरकार के चौथे बजट भाषण से पहले विधानसभा में कहा कि केंद्र में बनने वाली अगली सरकार से प्रदेश को आर्थिक सहायता की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पूर्व की वाम सरकार द्वारा लिए गए कर्ज के ब्याज के रूप में संप्रग सरकार ने पिछले ढाई सालों में करीब 70 हजार करोड़ रुपये बंगाल से वसूले हैं। लेकिन केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद कर्जमाफी में राहत मिल सकती है।

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अपनी रैलियों में बंगाल मुख्यमंत्री ने भले ही भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा हो। लेकिन पांच फरवरी को कोलकाता परेड ग्राउंड पर मोदी की रैली के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा बंगाल को कर्ज में राहत देने की बात ममता को खासी पसंद आई। जहां भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बंगाल को केंद्र से आर्थिक सहायता की जरूरत बताई थी तो मोदी ने कहा था कि मेरा केंद्र में जाना बंगाल के लिए अच्छा होगा।

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इसके अलावा प्रदेश की मुख्यमंत्री कई बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बंगाल के विशेष पैकेज की मांग कर चुकी हैं, जिस पर सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ममता प्रदेश हित के लिए भाजपा की सांप्रदायिक छवि को दरकिनार कर सकती हैं। हालांकि चुनाव पूर्व भाजपा के साथ जाने से तृणमूल की सीटें घटने की आशंका है। लिहाजा वे प्रदेश से अधिक सीटें लेकर केंद्र में मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहेंगी।

समाजसेवी अन्ना हजारे से मुलाकात के लिए दिल्ली रवाना होने से पूर्व मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केंद्र में स्थिर सरकार बनते देखना चाहती हैं।