यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मौलाना तौकीर ने भंग की आइएमसी, 'हम' का गठन
बरेली [जागरण संवाददाता] लंबे वक्त से सियासत में अहम मुकाम हासिल करने की जद्दोजहद में जुटे मौलाना तौकीर रजा खां ने आखिरकार अपनी पार्टी इत्तेहाद-ए-मिल्ल ...और पढ़ें

बरेली [जागरण संवाददाता] लंबे वक्त से सियासत में अहम मुकाम हासिल करने की जद्दोजहद में जुटे मौलाना तौकीर रजा खां ने आखिरकार अपनी पार्टी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल [आइएमसी] को भंग कर कर दिया। आगे के राजनीतिक सफर के लिए उन्होंने आचार्य प्रमोद कृष्णम के साथ मिलकर हिंदुस्तान यूनाइटेड मूवमेंट [हम] के गठन का एलान किया है। आचार्य को नवगठित पार्टी के अध्यक्ष बनाया गया है जबकि मौलाना के पास संयोजक का पद रहेगा।
नई पार्टी के रजिस्ट्रेशन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जल्द ही दिल्ली में कुछ बड़े एलान होंगे। सपा से तल्ख रिश्ते, लोकसभा गठनबंधन टूटने और लाल बत्ती छोड़ने को लेकर चर्चा में रहे मौलाना तौकीर के भविष्य को लेकर लगातार कयासबाजी चल रही थी। गुरुवार को मौलाना ने सारी चर्चाओं पर विराम लगाते हुए सियासी धमाका किया। अपने इस फैसले के पीछे मौलाना ने कुछ वजह और राजनीतिक मजबूरियां भी गिनाईं। बोले, देश की राजनीति में सेकुलर जमात की जरूरत थी। आइएमसी का नाम उर्दू में था। पूरी तरह मुस्लिम परस्त होने का तमगा भी जुड़ा था। इसी के चलते आम जनता पार्टी से दूर रही।

