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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी पीएम बने तो दंगों में झुलसेगा देश : मायावती

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Updated: Fri, 18 Apr 2014 09:02 PM (IST)

बसपा सुप्रीमो मायावती शुक्रवार को विरोधियों के लिए तीरों से भरा तरकश लेकर आईं। आगरा, मथुरा और फीरोजाबाद की जनसभाओं में उन्होंने दो टूक कहा कि मोदी प्र ...और पढ़ें

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आगरा, जागरण न्यूज नेटवर्क। बसपा सुप्रीमो मायावती शुक्रवार को विरोधियों के लिए तीरों से भरा तरकश लेकर आईं। आगरा, मथुरा और फीरोजाबाद की जनसभाओं में उन्होंने दो टूक कहा कि मोदी प्रधानमंत्री बने, तो देश सांप्रदायिक दंगों में झुलसेगा। सपा सरकार को गुंडा और माफियाओं की बताया। दलित और पिछड़ों के विकास की पायदान पर पीछे रह जाने के लिए कांग्रेस को कुसूरवार करार दिया, तो भाजपा से भी इन वर्गो को खतरा बताया। दलित की बेटी को प्रधानमंत्री बनाने की भावनात्मक अपील की। माया मैनपुरी जिले के कुरावली में शनिवार को सभा करेंगी, जिसमें एटा-मैनपुरी के प्रत्याशी के लिए भी वोट मांगेंगी।

शुक्रवार को बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती कांग्रेस, भाजपा के साथ यूपी की सपा सरकार पर भी हमलावर रहीं। उन्होंने दलित, पिछड़ों व मुसलमानों को आगाह किया कि गलती से भी मोदी को न जिता देना। वरना पूरा देश गुजरात के दंगों की तरह झुलसेगा। उन्होंने दलित और पिछड़ों को डर दिखाया कि भाजपा सरकार संविधान समीक्षा के नाम पर आरक्षण को भी खत्म कर देगी। पिछली राजग सरकार ने संविधान समीक्षा आयोग का गठन किया था। इसकी आड़ में वह दलित, ओबीसी आरक्षण को खत्म करना चाहती थी। बसपा ने जब आंदोलन किया तो कदम पीछे खींच लिए। मोदी खुद को पिछड़े वर्ग से बताते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि पिछड़ों में किस वर्ग से हैं। उन्होंने मुसलमानों को समझाया कि वे किसी भी हालत में अपना वोट बंटने न दें, क्योंकि इससे भाजपा को ही फायदा मिलेगा।

कांग्रेस के लिए कहा कि आजादी से अब तक सबसे ज्यादा कांग्रेस ने राज किया है, मगर दलितों और पिछड़ों की गरीबी, बेरोजगारी के लिए कांग्रेस सबसे ज्यादा कसूरवार है। मायावती ने सपा सरकार को गुंडा व माफियाराज की संज्ञा दी। उन्होंने दलित की बेटी को प्रधानमंत्री बनाने और केंद्र में बैलेंस आफ पावर के लिए भी बसपा को जिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र में बसपा के सहयोग बिना सरकार नहीं बन सकती। यही नहीं इकलौती बसपा ही भाजपा को रोकने में सक्षम हैं। चलते-चलते मायावती ने रालोद नेता अजित सिंह के लिए कहा कि वे खुद भी नहीं जीत पाएंगे।

मायावती के मुद्दों के मायने

1. मोदी के आने से दंगों की बात कहकर मायावती मुस्लिम मतदाताओं को बसपा के लिए एकजुटता का संदेश देना चाहती हैं।

2. भाजपा के आने पर आरक्षण खत्म की बात कहकर वह दलित और पिछड़ों को बताती हैं कि उनके लिए वोट विभाजन क्या खतरा हो सकता है।

3. आगरा-मथुरा की सभा में अजित पर भी प्रहार किए। दोनों जिलों में रालोद के दो प्रत्याशी हैं। उनका वोटर उधर न मुड़े इसलिए ऐसा किया।

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