यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीडीपी-भाजपा सरकार पर मुहर, मुफ्ती मुहम्मद सईद होगे सीएम
परदे के पीछे सात हफ्तों तक बातचीत के बाद भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने जम्मू-कश्मीर में साझा सरकार बनाने का औपचारिक एलान कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार गठन के लिए दोनों दल एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमत हो गए हैं। लेकिन

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। परदे के पीछे सात हफ्तों तक बातचीत के बाद भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने जम्मू-कश्मीर में साझा सरकार बनाने का औपचारिक एलान कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार गठन के लिए दोनों दल एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमत हो गए हैं। लेकिन इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुफ्ती मोहम्मद सईद की मुलाकात के बाद होगी।
पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती के साथ मुलाकात के बाद अमित शाह ने कहा कि भाजपा और पीडीपी राज्य में सरकार के गठन के लिए एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर लगभग सहमत हो गई हैं। लेकिन इस पर अंतिम मुहर प्रधानमंत्री मोदी और मुफ्ती की मुलाकात में ही लगेगी। इसके बाद ही सरकार गठन की तारीख की घोषणा की जाएगी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय सरकार का गठन होने जा रहा है। माना जा रहा है कि बुधवार या बृहस्पतिवार को मोदी और मुफ्ती की मुलाकात हो जाएगी और शनिवार या रविवार को घाटी में नई सरकार का गठन भी हो जाएगा। महबूबा मुफ्ती और अमित शाह की मुलाकात के दौरान समझौते को संभव बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पीडीपी नेता मुजफ्फर अली बेग और भाजपा महासचिव राममाधव भी मौजूद थे।
यह है फार्मूला
तय फार्मूले के अनुसार, भाजपा और पीडीपी के छह-छह मंत्री होंगे। मुफ्ती मुहम्मद सईद पूरे छह साल के लिए राज्य के मुख्यमंत्री होंगे और भाजपा के निर्मल सिंह को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। मुफ्ती शनिवार या रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि भाजपा के सूत्र अभी भी तीन-तीन साल मुख्यमंत्री के फार्मूले की बात एक बार प्रधानमंत्री से सईद की मुलाकात के समय आने की संभावना से इन्कार नहीं कर रहे हैं।
जटिल मसलों पर सहमति: महबूबा
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सरकार बनाने की बाधाएं समाप्त होने से वह खुश हैं। दोनों दलों के बीच विवादित मसलों का उल्लेख किए बिना उन्होंने कहा कि दोनों दल सौभाग्य से जटिल मसलों पर सहमत हो गए हैं। गठबंधन सत्ता की साझेदारी नहीं बल्कि राज्य की जनता के दिल-दिमाग को जीतने के लिए किया गया है।
ऐतिहासिक अवसर: मुफ्ती
पीडीपी के संरक्षक मुफ्ती मुहम्मद सईद ने कहा कि अनुच्छेद 370 और अफस्पा पर भाजपा से मतभेद दूर हो गए हैं। 78 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि साझा सरकार राज्य के दो क्षेत्रों (जम्मू व कश्मीर) के बीच अविश्वास दूर करने का ऐतिहासिक अवसर होगी।
नौ जनवरी से राज्यपाल शासन
जम्मू-कश्मीर में 87 सदस्यीय विधानसभा के लिए नवंबर-दिसंबर में हुए चुनाव में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। किसी दल द्वारा सरकार नहीं बनाने पर नौ जनवरी से प्रदेश में छह माह के लिए राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया। चुनाव में पीडीपी 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई, वहीं भाजपा 25 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने 15 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीती थीं। 23 दिसंबर को विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही दोनों दलों के बीच सरकार बनाने को लेकर बातचीत चल रही थी।

