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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'मैंने भगवान के दर्शन किए हैं, क्योंकि मैंने कलाम को देखा है'

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Mon, 25 Jul 2016 07:56 PM (IST)

बुधवार को 'मिसाइल मैन' कलाम की पहली पुण्यतिथि है। इस मौके पर उन्हें हाथ से लिखे पोस्टकार्डो के जरिये श्रद्धांजलि दी जाएगी।

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नई दिल्ली, प्रेट्र। पटना के एक छात्र ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एक पोस्टकार्ड पर संदेश लिखा है, 'मैंने भगवान के दर्शन किए हैं, क्योंकि मैंने कलाम को देखा है।'

बुधवार को 'मिसाइल मैन' कलाम की पहली पुण्यतिथि है। इस मौके पर उन्हें हाथ से लिखे पोस्टकार्डो के जरिये श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके लिए 200 से अधिक शहरों के लोगों की ओर से लिखे गए हस्तलिखित पोस्टकार्डो को संकलित कर एक किताब की शक्ल दी गई है। संदेशों के संकलन का यह काम कोच्चि स्थित सामुदायिक कला परियोजना 'लेटरफा‌र्म्स' की ओर से शुरू किया गया था। एक साल से चल रहे इस अभियान को 'डियर कलाम सर' नाम दिया गया है।

इसमें संदेशों के जरिये 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' के जीवन से जुड़ी कहानियों का भी संकलन किया गया है। इस अभियान की शुरुआत गत वर्ष पूर्व राष्ट्रपति की 85वीं जयंती पर हुई थी। इसमें देशभर के लोगों को अपने लेखन और चित्रों के माध्यम से कलाम को श्रद्धांजलि देने का निमंत्रण दिया गया था। इस संग्रह में चुनिंदा 358 पोस्टकार्डो को शामिल किया गया है।

इनके संकलन से तैयार किताब में कलाम के जीवन की सभी बातें शामिल करने की कोशिश की गई हैं। लेटरफा‌र्म्स के सह-संस्थापक जुबी जॉन का कहना है, 'हमारे कोच्चि स्थित ऑफिस में अब भी हर दिन पोस्टकार्ड आ रहे हैं। हम लोग सारे संदेशों की दिल्ली में प्रदर्शनी लगाने के बारे में सोच रहे हैं।' इन संदेशों के संकलन में लेटरफा‌र्म्स के सह-संस्थापक एस मैथ्यू का भी बड़ा योगदान है। मैथ्यू और जॉन के अनुसार इस साल अगस्त तक यह संकलन बाजार में आ जाएगा।

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