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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग के सामने मसूद अजहर का मुद्दा उठाएंगे प्रधानमंत्री मोदी

By Manish NegiEdited By:
Updated: Wed, 05 Oct 2016 12:08 AM (IST)

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सामने पीएम मोदी आतंकी अजहर मसूद के साथ ही ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी का पानी रोकने का मुद्दा उठाएंगे।

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नई दिल्ली, (जागरण ब्यूरो)। ब्रिक्स की बैठक में हिस्सा लेने भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के समक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजहर मसूद का मुद्दा उठाएंगे। जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र से अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने से रोकने के लिए चीन बार-बार अपने वीटो का इस्तेमाल कर रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी का पानी रोकने का मुद्दा भी उठाएंगे। बिक्स सम्मेलन अगले हफ्ते गोवा में होने जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान नरेंद्र मोदी और शी चिनफिंग की अलग से मुलाकात होगी। इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र में आतंकी सरगनाओं को बचाने का मुद्दा उठाएंगे। पिछले साल चीन ने संयुक्त राष्ट्र में अपने वीटो का इस्तेमाल कर मुंबई हमले के आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित नहीं होने दिया था।

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पठानकोट हमले के बाद जब भारत ने अजहर मसूद को संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने की कोशिश की तो चीन ने फिर से उसे वीटो कर दिया। जबकि संयुक्त राष्ट्र के चार अन्य स्थायी सदस्यों के साथ-साथ दुनिया के अन्य सभी देश भारत के प्रस्ताव के समर्थन में थे। पिछले दिनों जब चीन के वीटो की समय-सीमा खत्म हो रही थी, तो उसने फिर से इसका इस्तेमाल कर दिया।

जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने है, चीन के राष्ट्रपति के साथ व्यक्तिगत रिश्ते बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले ढाई साल में दोनों नेताओं की नौ बार मुलाकात हो चुकी है। लेकिन मोदी के तमाम प्रयासों के बावजूद चीन अपने भारत विरोधी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहा है।

इस साल जून में चीन के विरोध के कारण भारत एनएसजी में शामिल नहीं हो पाया था। यही नहीं, भारत ने जब सिंधु नदी जल समझौते पर पुनर्विचार का संकेत दिया, तो चीन ने पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए ब्रह्मपुत्र पर बांध बनाने के लिए उसकी एक सहायक नदी का पानी पूरी तरह रोक दिया। मोदी ये मुद्दा भी चिनफिंग के सामने उठाएंगे।

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