यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राम-रहीम के नाम राजनीति कर रहे मोदी-ममता
पश्चिम बंगाल के मुख्य विपक्षी वामो ने सारधा के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश शुरू की है। शुरुआत में चिटफंड घोटाले में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को घेरने में नाकाम वामदल अब एक तीर से दो निशाना लगाने की फिराक में है।

कोलकाता [जागरण संवाददाता]। पश्चिम बंगाल के मुख्य विपक्षी वामो ने सारधा के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश शुरू की है। शुरुआत में चिटफंड घोटाले में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को घेरने में नाकाम वामदल अब एक तीर से दो निशाना लगाने की फिराक में है। मंगलवार को शहीद मीनार पर आयोजित रैली में उसने भाजपा व तृणमूल पर एकसाथ निशाना साधा। कहा, राम-रहीम के सहारे मोदी व ममता अपनी राजनीति चला रहे हैं।
गौरतलब है कि सारधा घोटाला उजागर होने के बाद भाजपा ने इसे हथियार बना लिया और सत्ताधारी दल के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद कर खुद को मजबूती से पेश किया। घोटाले में परिवहन मंत्री की गिरफ्तारी के बाद वामदल फिर हमलावर हो उठे और तीन दिनों तक जुलूस व सभा करने के बाद मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के शहीद मीनार मैदान में भारी भीड़ जुटा ली। पुलिस के रोकने पर समर्थकों से धक्का-मुक्की हुई और रैली में शामिल लोग सड़क पर बैठकर धरना देने लगे।
वाम नेता गौतम देव ने कहा कि घोटाले में शामिल आरोपियों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री झूठ बोल रही हैं। परदे के पीछे भाजपा-तृणमूल का गठजोड़ है और ममता बनर्जी मुसलमानों के नाम पर राजनीति कर रही हैं। माकपा प्रदेश सचिव और वाममोर्चा चेयरमैन विमान बोस ने सारधा में ममता के बयानों पर उन्हें विक्षिप्त करार दिया। कहा, मुख्यमंत्री चोरों की सरकार चला रही हैं और उन्हें बचाने के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। विरोधी दल के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि ममता बंगाल को तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को धोखा दे रहे हैं। एक राम तो दूसरे रहीम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।

