यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
किसी सूरत में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड नहीं होने दिया जाएगा लागू
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में यूनिफॉम सिविल कोड लागू नहीं होने देगा। यदि सरकार ने इस पर कदम बढ़ाया तो वह चुप नहीं ब ...और पढ़ें

लखनऊ। देश में यूनिफाॅर्म सिविल कोड लागू करने की योजना बना रही केंद्र सरकार को मुस्लिम धर्मगुरू कल्बे सादिक ने जमकर खरी-खोटी सुनाई है। उन्होंने सरकार पर वोटो की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए साफ कर दिया है कि वह इस कानून को कभी लागू नहीं होने देंगे। इसके साथ ही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष कल्बे सादिक ने आज तक से हुई बातचीत के दौरान यह साफ कर दिया कि देश का मुस्लिम समाज शरीयत कानून में कोई दखल बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस कानून का दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय भी समर्थन नहीं करेंगे क्योंकि कोई भी अपने धार्मिक रीति रिवाज में बाहरी दखल बर्दाश्त नहीं करेगा। हालांकि तिहरे तलाक की वह खुद भी खुलकर मुखालफत करते हैं। उनका कहना है कि इस नियम से मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। उनका कहना है कि शिया समुदाय में ऐसी प्रथा नहीं है लेकिन सुन्नी धर्मगुरू इसके पक्ष में ही दलील देते हैं।
यदि लागू हुआ यूूनिफाॅर्म सिविल कोड, तो हो जाएंगे बड़े बदलाव
वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी इसका विरोध करते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस दिशा में कोई कदम बढ़ाया तो हम चुप नहीं बैठेंगे। उनका कहना था कि संसद ने ही पूर्व में यह नियम बनाए हैं। उनका कहना है कि मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड में सुधार की जो गुंजाइश है उसको किया जाना चाहिए।
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