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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी के तोहफे पर निहाल हुई मरियम शरीफ

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Updated: Thu, 29 May 2014 12:31 AM (IST)

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की मेहमाननवाजी तो गर्मजोशी से की ही, विदाई तोहफे के जरिये उन्होंने भावनात्मक पहलू ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की मेहमाननवाजी तो गर्मजोशी से की ही, विदाई तोहफे के जरिये उन्होंने भावनात्मक पहलू को भी छुआ। मोदी ने शरीफ को उनकी मां के लिए शॉल की सौगात भेंट की। इसका खुलासा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की बेटी मरियम ने ट्वीट के जरिये किया। मरियम ने मोदी की ओर से दिए गए तोहफे की फोटो भी ट्विटर डाली और उनका शुक्रिया भी अदा किया। मरियम ने बताया कि उनके पिता ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से भेजी शॉल दादी को खुद जाकर भेंट की।

इसके पहले मरियम ने उस समय अपने पिता की नई दिल्ली यात्रा की पैरवी भी की थी जब वह इस बारे में अपने साथियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। मरियम राजनीतिक तौर पर सक्रिय रहने के साथ ही जरूरी मसलों पर ट्विटर पर अपनी राय व्यक्त करती रहती हैं। उन्हें नवाज शरीफ के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता है। उन्होंने ट्वीट के जरिये यह भी बताया कि शत्रुघ्न सिन्हा ने उनके पिता से भेंट कर किस तरह खुद को स्टार और नवाज शरीफ को सुपर स्टार बताया।

मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के बाद दोनों नेताओं के बीच 26 मई को हुई अनौपचारिक मुलाकात में पाक प्रधानमंत्री ने अपनी मां का भी जिक्र किया था। शरीफ ने उन्हें बताया था कि टीवी पर जिस वक्त अपनी मां के हाथों मिठाई खाते उनकी (मोदी की) तस्वीरें आ रही थीं तो वह उस समय अपनी मां के साथ खाना खा रहे थे। मोदी और उनकी मां के बीच प्रेम को देख शरीफ की मां भी भावुक हो गई। इस प्रसंग को मोदी ने ट्वीट करके बताया था।

भारत में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार आए नवाज शरीफ विदा होने से पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी मिले थे। उल्लेखनीय है कि 1999 में शरीफ के न्यौते पर वाजपेयी शांति की पहल पर लाहौर बस लेकर गए थे। डेढ़ दशक बाद पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे शरीफ को वाजपेयी की बेटी नमिता ने उनकी कविताओं की एक किताब भी भेंट की। गौरतलब है कि भारत से संबंध सुधार के लिए शरीफ 1999 में शुरु किए गए प्रयासों को वहीं से शुरू करने की बात कर रहे हैं जहां से वे पाकिस्तान में तख्ता पलट के बाद छूट गए थे। जनरल परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में हुए तख्ता पलट के बाद शरीफ को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। हालांकि सत्ता की करवट के साथ बीते साल शरीफ पूरे बहुमत के साथ सत्ता में आए।

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