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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार ने सौ दिन में कालाधन लाने का वादा नहीं किया

By Bhupendra SinghEdited By:
Updated: Fri, 28 Nov 2014 07:35 AM (IST)

संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने साफ कहा कि राजग सरकार ने विदेश में जमा काले धन को 100 दिन में स्वदेश वापस लाने का वादा कभी नहीं किया।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । काला धन के मुद्दे पर विपक्ष के हमले झेल रही सरकार ने गुरुवार को आक्रामक तेवर अख्तियार कर लिया। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने साफ कहा कि राजग सरकार ने विदेश में जमा काले धन को 100 दिन में स्वदेश वापस लाने का वादा कभी नहीं किया। वेंकैया नायडू के अनुसार लोक सभा चुनाव के दौरान भाजपा के घोषणा पत्र में विदेश में जमा काले धन के मामले पर एक विशेष जांच दल बनाने का वादा किया गया था। सत्ता में आने के दूसरे दिन ही राजग सरकार ने एसआइटी का गठन कर उक्त वादे को पूरा कर दिया।

लोक सभा में काला धन पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए नायडू ने इस बारे में विपक्ष के सभी आरापों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था, 'हम इतने अपरिपक्व नहीं जो यह कह दें कि विदेश में जमा सभी काले धन को हम 100 दिनों के भीतर वापस ला देंगे।' बकौल नायडू, 'मोदी सरकार काला धन को विदेश से वापस लाने की प्रक्रिया को तेज करेगी। संसदीय कार्य मंत्री के मुताबिक सौ दिनों का मतलब इस अवधि में कार्रवाई शुरू करने से है। उन्होंने जुलाई, 2009 में मनमोहन सिंह द्वारा लोक सभा में दिए गए एक भाषण का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री ने भी सौ दिनों के भीतर काले धन के मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही थी। नायडू ने बताया कि पूववर्ती संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन सीबीआइ प्रमुख एपी सिंह ने विदेश में 25 लाख रुपये काला धन के रूप में जमा होने की बात कही थी।