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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भाजपा से गठजोड़ को पीडीपी ने दिए संकेत

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Sat, 27 Dec 2014 09:51 PM (IST)

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता नईम अख्तर ने भाजपा के साथ गठजोड़ की संभावना का संकेत देते हुए शनिवार को कहा कि अनुच्छेद 370, अफस्पा और सेल्फ रूल जैसे मुद्दों पर भाजपा को हमारी नीतियों का पूरा सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे समक्ष कांग्रेस का भी प्रस्ताव

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जागरण ब्यूरो, श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता नईम अख्तर ने भाजपा के साथ गठजोड़ की संभावना का संकेत देते हुए शनिवार को कहा कि अनुच्छेद 370, अफस्पा और सेल्फ रूल जैसे मुद्दों पर भाजपा को हमारी नीतियों का पूरा सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे समक्ष कांग्रेस का भी प्रस्ताव है, लेकिन अभी तक किसी भी दल के साथ गठबंधन को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। हमारे पास कई विकल्प हैं।

पत्रकारों से बातचीत में नईम अख्तर ने कहा कि पार्टी में सरकार बनाने से लेकर विपक्ष में बैठने तक के सभी विकल्पों पर बातचीत हो रही है। उन्होंने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि हमारे बाद जिस दूसरे दल के पास ज्यादा सीटें हैं, उसके साथ हमारा गठजोड़ हो सकता है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में अमन और विकास पर हमारी राय एक है, लेकिन पहले हमें 370, अफस्पा, सेल्फ रूल जैसे मुद्दों उसे हमारी नीतियों का सम्मान करना होगा। यही शर्त अन्य लोगों के लिए भी है।पीडीपी प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय संविधान की धारा 370 के तहत हमारे राज्य को मिले विशेषाधिकार से हम कोई समझौता नहीं कर सकते। हम जम्मू-कश्मीर के शांत हिस्सों से अफस्पा हटाने को भी संकल्पबद्ध हैं।

इसके अलावा कश्मीर समस्या के सियासी समाधान की प्रक्रिया को आगे ले जाना हमारी प्राथमिकता है।भाजपा द्वारा बारी-बारी से मुख्यमंत्री के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर नईम अख्तर ने कहा कि हमारे पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है और न भाजपा के साथ बातचीत इस स्तर पर पहुंची है। हमारे पास कांग्रेस का भी प्रस्ताव है। उस पर भी संगठन में विचार किया जा रहा है।

नेशनल कांफ्रेंस के कार्यवाह प्रमुख उमर अब्दुल्ला द्वारा पीडीपी को बिना शर्त समर्थन की पेशकश से इन्कार करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मीडिया तक ही सीमित है। हमारे पास ऐसा कोई प्रस्ताव आज तक नहीं आया है। जब आएगा, हम उस पर चर्चा जरूर करेंगे।

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