Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    लोकसभा में बोले अरुण जेटली, 'कोई चैरिटी के लिए निवेश नहीं करता'

    By Manish NegiEdited By:
    Updated: Fri, 29 Jul 2016 01:55 PM (IST)

    केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में कहा कि कोई भी शख्स चैरिटी के लिए निवेश नहीं करता है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    नई दिल्ली, (जेएनएन)। विदेशों से एफडीआई के बदले में लाभांश और अन्य पूंजीगत लाभों के रूप में विदेशी निवेशकों को दी जाने वाली राशि के संबंध में किए गए सवाल पर वित्त मंत्री ने आज लोकसभा में कहा कि कोई भी चैरिटी के लिए निवेश नहीं करता।

    वित्त मंत्री अरूण जेटली ने प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों के सवालों के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जो कोई भी व्यक्ति चाहे वो घरेलू स्तर पर या विदेशी स्तर पर निवेश करता है। वह लाभांश या अन्य जो भी शुल्क बनता है वह चाहता है।

    वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘कोई भी चैरिटी के लिए निवेश नहीं करता। यदि निवेशकों को हमारे यहां लाभ नहीं होगा तो वह किसी और देश में जाकर निवेश करेगा।’’ उन्होंने कहा घरेलू निवेश कम होने का एक कारण यह रहा है कि निजी क्षेत्र कुछ दबाव में रहा है। सरकारी निवेश सरकारी धन से और विदेशी स्रोतों से होता है लेकिन यदि किसी विदेशी कंपनी को लाभ नहीं होगा तो निवेश क्यों करेगा।

    वित्त मंत्री ने इसके साथ ही बताया कि पिछले दो सालों में एफडीआई में रिकार्ड 53 फीसदी की वृद्धि हुई है जो सबसे अधिक है। उन्होंने इस वृद्धि को सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का सकारात्मक परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई क्षेत्रों को एफडीआई के लिए खोला है तथा कुछ और अन्य क्षेत्रों को अभी खोला जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि एफडीआई को आकषिर्त करने के लिए कुछ शर्ते होती हैं और उन शर्तो को भी सुचारू बनाया जा रहा है।

    खबरें और भी

    एफडीआई के बदले में निवेश करने वाली कंपनियों द्वारा लाभांश लेने के संबंध में वित्त मंत्री ने कहा कि यह किसी भी तरह से गैर कानूनी या कारोबार के सिद्धांतों के विपरीत नहीं है।

    राहुल के ‘फेयर एंड लवली’ वाले बयान का जेटली ने इस तरह दिया जवाब