यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'नोट फॉर वोट' बयान का उद्देश्य, राजनीतिक गंदगी दूर करनाः केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव से पहले पैसे बांटने वाली राजनीतिक पार्टियों से पैसे लेकर आप को वोट देने संबंधी अपने बयान का बचाव करते हुए गुरुवार को कहा कि यह राजनीति में मौजूद गंदगी को साफ करेगा।

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव से पहले पैसे बांटने वाली राजनीतिक पार्टियों से पैसे लेकर आप को वोट देने संबंधी अपने बयान का बचाव करते हुए गुरुवार को कहा कि यह राजनीति में मौजूद गंदगी को साफ करेगा।
केजरीवाल ने मतदाताओं से कहा था कि वे राजनीतिक पार्टियों से पैसे जरूर लें लेकिन उन्हें वोट न दें। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक जो राजनीतिक पार्टियां चुनाव से पहले पैसे बांट रही हैं, वह उनके पास मौजूद काला धन है और इसे ग्रहण करना मतदाताओं के लिए गलत नहीं होगा।
केजरीवाल ने पत्रकारों को बताया, "सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह पार्टियां घूस के लिए काले धन का इस्तेमाल करती हैं, शराब बांटती हैं, टिकटें खरीदती हैं। मैं यह कह रहा हूं कि आप काला धन लीजिए, लेकिन वोट मत दीजिए। यह घूस नहीं है।"
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "कुछ दिनों में पार्टियां यह महसूस करेंगी कि आप पैसे बांट कर वोट नहीं ले सकते। इस तरह राजनीति में सफाई आएगी। इसलिए मैं कह रहा हूं कि पैसे लीजिए, लेकिन उनके लिए वोट मत कीजिए।" उन्होंने कहा, "अपराध क्या है? अपराध वह है कि अगर कोई घूस दे या ले। कोई कहता है कि मुझसे पैसे लीजिए और मेरे लिए वोट कीजिए। अगर कोई अदला-बदली होती है, तो वह घूस है।"

