विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गांवों में अब पहुंचेगा कैश

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Tue, 03 Jan 2017 10:53 PM (IST)

रिजर्व बैंक ने ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह को बढ़ाने का फैसला किया है

News Article Hero Image

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नोटबंदी लागू होने के 55 दिन हो गये लेकिन केंद्रीय बैंक आरबीआइ की तरफ से नए नियम बनाने का सिलसिला अभी तक थमा नहीं है। बहरहाल, मंगलवार को रिजर्व बैंक ने ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह को बढ़ाने का फैसला किया है जिसकी जरुरत काफी शिद्धत से महसूस की जा रही है।

नए निर्देश के मुताबिक आरबीआइ की तरफ से जारी होने वाले नए नोटों में कम से कम 40 फीसद ग्रामीण इलाकों को भेजे जाएंगे। बैंकों को कहा गया है कि वे अपने करेंसी चेस्टों को यह निर्देश दे कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, जिलास्तरीय सहकारी बैंकों व डाक घरों को प्राथमिकता के स्तर पर नकदी दिया जाए। आरबीआइ ने हर राज्य के विभिन्न जिलों में दिए जाने वाले नकदी का हिस्सा तय कर दिया है। कुछ इलाकों में तो जारी नकदी का शत प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में देने की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था इन जिलों में खोले गये बैंक खातों व कासा (चालू खाता, बचत खाता) के आधार पर बनाया गया है।

मसलन, उत्तरी क्षेत्र में हरियाणा के कई जिलों में 60-70 फीसद तक नकदी देने का निर्देश दिया गया है। झज्जर में 70 फीसद नकदी ग्रामीण इलाकों में, कुरुक्षेत्र में 60 फीसद, रेवारी में 87 फीसद तक नकदी देने को कहा गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली) में सिर्फ तीन फीसद नकदी ही ग्रामीण इलाकों में देने की व्यवस्था की गई है। पंजाब के होशियारपुर में 100 फीसद, गुरदासपुर में 90 फीसद, कपूरथाला में 83 फीसद नकदी ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में देने की व्यवस्था की गई है। बिहार के कैमूर, बांका, जमुई, समस्तीपुर, गोपालगंज, औरंगाबाद, सारण, जहानाबाद, वैशाली व अरवल में शतप्रतिशत राशि ग्रामीण इलाकों के बैंकों को दिया जाएगा।

शत-प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी वितरण का मतलब हुआ कि इन जिलों के सभी बैंकों को ग्रामीण परिभाषा के तहत ही रखा गया है। बहरहाल, अब आगे इन सभी जिलों में नए निर्देश के मुताबिक ही नकदी का वितरण होगा। आरबीआई ने बैंकों को यह भी बताया है कि वे ग्रामीण इलाकों में 100 रुपये के नोटों की सप्लाई बढ़ाएं। वैसे केंद्र सरकार पूरे देश में नकद रहित वित्तीय लेन देन को बढ़ावा दे रही है लेकिन रिजर्व बैंक यह महसूस करता है कि ग्रामीण इलाकों में अभी नकदी का ही बोलबाला रहेगा। ऐसे में मंगलवार को जारी किये गये निर्देश से ग्रामीण इलाकों में नकदी की किल्लत को दूर करने में मदद मिलेगी।

सनद रहे कि 31 दिसंबर, 2016 को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बात के संकेत दिए थे कि बैंक अब ग्रामीण इलाकों पर ज्यादा ध्यान देंगे। मोदी ने कहा था कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ग्रामीण इलाकों में नकदी की किल्लत दूर करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कदम उठायें।

बैंकों के फंसे कर्ज पर सरकार के रवैये से सुप्रीम कोर्ट नाराज

TMC सांसद की गिरफ्तारी पर भड़कीं ममता, कहा- मोदी और शाह की भी गिरफ्तारी हो