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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उमर ने दुहराई सत्य व समन्वय आयोग गठन की मांग

By Sudhir JhaEdited By:
Updated: Wed, 21 Jan 2015 05:00 PM (IST)

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदेश में दो दशक से जारी हिंसा से प्रभावित पंडित और मुस्लिम समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए एक बार फिर से सत्य और समन्वय आयोग के गठन की मांग की है। इस बारे में उमर ने माइक्रोब्लागिंग साइट ट्विटर पर

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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदेश में दो दशक से जारी हिंसा से प्रभावित पंडित और मुस्लिम समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए एक बार फिर से सत्य और समन्वय आयोग के गठन की मांग की है। इस बारे में उमर ने माइक्रोब्लागिंग साइट ट्विटर पर लिखा है कि प्रदेश से पंडितों को अपना घरबार छोड़कर जाने को मजबूर किए जाने का मामला हो या गौवकदल की घटना, इनकी सच्चाई से पर्दा उठाने के लिए आयोग का गठन किया जाना जरूरी है।

मार्च 2011 में मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी उमर अब्दुल्ला ने इस आयोग के गठन की मांग की थी। इसके तहत उमर ने प्रदेश में सैन्य हिंसा में मारे गए लोगों और उससे जो अन्य तरह की तबाही हुई उसकी जांच की मांग के लिए इस आयोग के गठन की मांग की थी। गौरतलब है कि 1990 में गौकदल में एक जुलूस पर सुरक्षाबलों के गोली चलाने से 52 नागरिकों की मौत हो गई थी। इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल थे।

इसी तरह से प्रदेश में आतंकवाद भड़कने के बाद पंडितों को अपना घरबार छोड़कर दूसरे राज्यों या जम्मू जाने को मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी को इस घटना के 25 साल पूरे हो गए। पंडित समुदाय ने इस दिन को काले दिन के रूप में याद किया।

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