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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख से पूछताछ पर होगा भारत का जोर

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Sat, 19 Mar 2016 05:52 AM (IST)

पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी दल के भारत आने का रास्ता भले ही साफ हो गया हो लेकिन इससे भारतीय जांच पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। पाक का विशेष जांच दल जो भी मदद मांगेगा भारतीय जां

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नई दिल्ली। पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी दल के भारत आने का रास्ता भले ही साफ हो गया हो लेकिन इससे भारतीय जांच पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। पाक का विशेष जांच दल जो भी मदद मांगेगा भारतीय जांच एजेंसियां उसे उपलब्ध कराएंगी लेकिन इसके साथ ही भारत अपने तरीके से भी इसकी जांच करता रहेगा।

खास तौर पर पाकिस्तान में पकड़े गए जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर से भारत हर कीमत पर पूछताछ करना चाहेगा। यह मुद्दा उच्चस्तर पर भारत उठा चुका है और भारतीय पक्ष को उम्मीद है कि पाक जांच टीम के स्वदेश लौटने के बाद इस बारे में अनुमति मिल जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक भारत की तरफ से पठानकोट हमले की जांच लगभग पूरी है। अब आगे जांच का रास्ता पाकिस्तान की जांच टीम से बातचीत के बाद निकलेगा। भारत में जो धर- पकड़ होनी थी वह लगभग पूरी हो चुकी है।

चूंकि इस हमले में प्रत्यक्ष तौर पर शामिल अब सारे आरोपी पाकिस्तान में हैं इसलिए भारत की जांच अब पड़ोसी देश के सहयोग पर ही निर्भर करेगी। खास तौर पर इस हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं से पूछताछ किए बगैर अब जांच आगे नहीं बढ़ सकती। इसलिए बहुत कुछ पाकिस्तान सरकार के रवैये पर निर्भर करेगा। फिलहाल पाकिस्तान जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार भारत भी करेगा।

पाकिस्तान के पंजाब सरकार की तरफ से गिरफ्तार जैश प्रमुख अजहर की तलाश भारत को सिर्फ पठानकोट हमले के संबंध में नहीं बल्कि कई मामलों में है। अजहर को भारत सरकार ने वर्ष 1999 के अंत में इंडियन एयरलाइंस के अपहृत विमान के यात्रियों के बदले छोड़ा था। इसके अलावा अजहर की तलाश श्रीनगर स्थित विधानसभा के सामने हुए आत्मघाती हमले के संदर्भ में भी की जा रही है।