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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बजट सत्र से पहले बनेगी जम्मू-कश्मीर सरकार

By Test2 test2Edited By:
Updated: Thu, 12 Feb 2015 09:50 PM (IST)

पिछले लगभग दो महीने से सरकार की आस देख रहे जम्मू-कश्मीर में जल्द ही सरकार गठन हो सकता है। भाजपा और पीडीपी गठबंधन सरकार के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम लगभग तैयार हो गया है। संभव है कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीडीपी प्रमुख मुफ्ती मोहम्मद सईद की बैठक

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। पिछले लगभग दो महीने से सरकार की आस देख रहे जम्मू-कश्मीर में जल्द ही सरकार गठन हो सकता है। भाजपा और पीडीपी गठबंधन सरकार के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम लगभग तैयार हो गया है। संभव है कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीडीपी प्रमुख मुफ्ती मोहम्मद सईद की बैठक हो। उससे पहले पीडीपी नेताओं की मुलाकात दिल्ली मे केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में पीडीपी का मुख्यमंत्री और भाजपा का उपमुख्यमंत्री होने के बात पर यूं तो लगभग बातचीत हो चुकी है। भाजपा से निर्मल सिंह उपमुख्यमंत्री होंगे लेकिन सूत्रों की मानी जाए तो भाजपा अभी भी इस अध्याय को बंद नहीं करना चाहती है। सूत्रों के अनुसार मोदी-मुफ्ती बैठक में एक बार फिर से इस पर विचार हो सकता है कि मुख्यमंत्री पद आधे आधे समय के रखा जाए। हालांकि यह भी स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर इतना नहीं अड़ा जाएगा कि सरकार गठन में अड़चन हो। किसी भी कीमत पर अब दोनों दल बजट सत्र से पहले सरकार गठन के पक्ष में हैं।

बताते हैं कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम लगभग तैयार है। इस प्रक्रिया में शामिल एक पदाधिकारी के अनुसार 98 फीसद काम हो चुका है, लेकिन कुछ मुद्दों पर शब्दों को लेकर थोड़ा मतभेद है। जाहिर तौर पर यह मुद्दे भाजपा के वैचारिक मुद्दे हैं और इसमें धारा 370, समान आचार संहिता जैसे विषय है। जबकि विघटनकारियों के साथ बातचीत जैसे मुद्दों पर भी भाजपा ऐसा कोई आश्वासन देना नहीं चाहेगी जिससे उनका नैतिक बल बढ़े।

सूत्रों के अनुसार हर मुद्दे पर सहमति बनी है लेकिन लिखित शब्दों में भी ऐसी कोई प्रतिध्वनि नहीं होनी चाहिए जिसका गलत अर्थ निकाला जा सके। एक दो दिनों में इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। चंडीगढ़ और मुंबई में दोनों दल के नेताओं के बीच चली बैठकों में मंत्रिमंडल विभाग पर भी चर्चा हुई है।

संभव है कि गृह मंत्रालय पीडीपी के पास और वित्त भाजपा के खाते में जाए। गौरतलब है कि 87 सीटों की विधानसभा में पीडीपी के 28 विधायक हैं। पार्टी की ओर से लगभग छह लोगों की कमिटि बनाई गई है। कमिटि के सदस्य संभवत: शुक्रवार को दिल्ली आकर वित्तमंत्री जेटली से भी मुलाकात कर सकते हैं।

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