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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश को नुकसान पहुंचाने वालों की हो सकती है ये सोच: स्‍वामी

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Fri, 08 Jul 2016 08:09 PM (IST)

आर्थिक वृद्धि की कीमत पर महंगाई पर नियंत्रण रखने वाली नीति की आज भाजपा सांसद सुब्रहमण्‍यम स्‍वामी ने जमकर आलोचना की। उन्‍होंने कहा कि अर्थशास्‍त्र को न जानने वाला ही ऐसा कर सकता है

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नई दिल्ली। भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने आर्थिक वृद्धि की कीमत पर मुद्रास्फीति पर नियंत्रण रखने वाली नीति की आज जमकर आलोचना की। उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा कि ऐसी सोच सिर्फ उन लोगों की ही हो सकती है जो भारत को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। वही ऐसे विचार रख सकते हैं। ट्विटर पर पूछेे गए एक सवाल के जवाब में स्वामी ने कहा कि उन्होंने करीब 50 साल तक अमरीकियों को अर्थशास्त्र पढ़ाया है। केवल अर्थशास्त्र न जानने वाले या भारत को नुकसान पहुंचाने के खतरनाक इरादे वाले लोगों की सोच ही इससे अलग हो सकती है।

गौरतलब है कि सुब्रहमण्यम स्वामी ने रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन की नीतियों का न सिर्फ खुलकर विरोध किया था बल्कि उन्हें पद से हटाने के लिए सिलसिलेवार मुहिम भी शुरू की थी। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था। राजन ने महंगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दर कम न करने की नीति अपनाई थी।

इससे पहले कल स्वामी नोबल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री जोसफ स्टिग्लिज के बयान पर भी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और इसके लिए पत्रकारों को भी जमकर लताड़ लगाई थी। अमेरिकी अर्थशास्त्री जोसफ का कहना था कि कि भारत को महंगाई को लेकर ज्यादा परेशान होने के बजाय आर्थिक विकास पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा करने से बड़े पैमाने पर बेरोजगारी और कम आर्थिक विकास की स्थिति पैदा हो सकती है। स्वामी ने ट्वीट किया कि उनको अपने विचारों को स्थापित करने के लिए किसी और की बैसाखी की जरूरत नहीं है, जैसा कि दूसरे भारतीयों को पड़ा करती है।