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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    किसी न किसी के इंतजार में यहां हर रोज घूमती है मौत

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Sun, 26 Jun 2016 04:51 PM (IST)

    यहां कभी खुशहाली हुआ करती थी, लेकिन आज नजारा पूरी तरह से बदल चुका है। आज हर रोज यहां पर मौत खुलेआम किसी न किसी का इंतजार करती हुई घूमती है। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली (जेएनएन)। विश्व के मानचित्र पर सीरिया कभी बेहद शांत देशों में गिना जाता था। लेकिन आज इसकी तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। आज सीरिया की गिनती दुनिया के सबसे अशांत जगहों में की जाती है। यहां की धरती पर गिरने वाले बमों में हर रोज लोगों की जानें जाती हैं। सीरिया में मौजूदा समय में आतंकी संगठन आईएसआईएस के खात्मे के नाम पर रूस और अमेरिकी फौज बमबारी करती हैं।

    वहीं सीरियाई सरकार के विद्राेही और सीरिया की फौज के बीच जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। लिहाजा यहां हर वक्त मौत किसी न किसी का इंतजार कर रही होती है। यहां के लोग मौत के साए में अपना एक-एक पल गुजारते हैं। वह यह नहीं जानते हैं कि आने वाला पल उनके लिए तबाही लेकर आएगा या वह जिंदा बच जाएंगे।

    सीरिया में ऐसे हालात करीब 16 वर्षों से बने हुए हैं। वर्ष 2000 के बाद यहां की बदलती राजनीतिक समीकरणों ने यहां पर गृहयुद्ध की शुरुआत की। अपने ही राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ यहां के लोग एकजुट हो गए और असद के विद्रोहियों ने सरकार के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। इसके बाद यहां पर लगातार सेना और विद्रोहियों के बीच गोलीबारी होती है। इसके बाद जो रही सही कसर थी वह आतंकी संगठन आईएसआईएस ने पूरी कर दी। इसको रोकने के लिए रूसी और अमेरिकी फौज ने यहां पर अब तक हजारों की तादाद में बम बरसाए हैं।

    आज यहां की करीब 80 फीसद इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैंं। सही मायने में यह खंडहरों का देश लगता है जहां टूटी हुई इमारतों के अलावा कुछ और शेष नहीं रह गया है। कहीं कहीं पर कुछ लोग दिखाई जरूर देते हैं जो अपने आने वाले पल के लिए सकुशल रहने की महज दुआ ही मांगते नजर आते हैं।

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    यहां पर दिन रात का पता नहीं चलता है। लड़ाकू विमान से बरसने वाले बम इतना उजाला कर देते हैं कि कई बार सूरज की रोशनी भी उसके आगे फीकी साबित होती है। लेकिन सूरज की किरणें सवेरा लाती हैं और बम से निकली रोशनी मौत लाती है। यहां महज इतना ही फर्क है।

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    आलम यह है कि यहां छिड़े इस गृहयुद्ध में अब तक लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। लाखों बच्चे अनाथ हो चुके हैं। हजारों परिवार जिंदगी बचाने के लिए दूसरे देशों की शरण लेने को मजबूर हैं। लेकिन इसमें भी हर किसी की किस्मत अच्छी नहीं होती है। कुछ सकुशल दूसरे देशों में पहुंच जाते हैं तो कुछ को समुद्र अपने अंदर समा लेता है।

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