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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

#JagranForum: ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल बोले, बिजली पर न हो सियासत

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Mon, 27 Jun 2016 03:11 PM (IST)

जागरण फोरम में ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सियासत के लिए बहुत से मुद्दे हैं। ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए मिलजुल कर काम करने की जरुरत है।

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लखनऊ (जागरण ब्यूरो)। दैनिक जागरण के फोरम ‘बढ़ेगा प्रदेश तो बनेगा देश’ को संबोधित करते हुए केंद्रीय ऊर्जा, कोयला और नवीकरणीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की नीति के चलते ही यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरकार बनने के वक्त हर घर में बिजली पहुंचाने के लिए साल 2022 का लक्ष्य तय किया था। लेकिन ऊर्जा मंत्रालय की कोशिशों के चलते इसे तीन साल पहले ही पाना संभव हो गया है।

पूरे देश में विद्युतीकरण के कामकाज पर केंद्र की तरफ से निगरानी की जा रही है। विद्युतीकरण के लिए होने वाले आवंटन का उचित इस्तेमाल हो इसी निरंतर निगरानी हो रही है। इसके चलते बीते दो वर्ष में विद्युतीकरण के कामकाज में तेजी आई है।

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तीन साल में हर घर में बिजली

केंद्र सरकार ने हर घर में बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को तीन साल कम कर दिया है। सरकार अब साल 2022 के मुकाबले 2019 में ही हर घर में बिजली पहुंचाने की स्थिति में है। इतना ही नहीं एक हजार दिन में प्रत्येक गांव में बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को भी केंद्र एक वर्ष पहले ही पूरा करने की स्थिति में आ गया है।

देश में बिजली की कमी नहीं

गोयल ने कहा कि देश में आज न केवल बिजली सरप्लस में है बल्कि इसके निर्माण की प्रमुख आवश्यकता कोयला भी सरप्लस में है। यही वजह है कि आज किसी बिजली प्लांट में कोयले की कमी नहीं है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व के चलते एक हजार दिन में प्रत्येक गांव को बिजली से जोड़ने के काम को भी समय से पहले ही पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार पहली मई 2018 तक यह काम पूरा होना था। लेकिन आज की स्थिति में यह स्पष्ट है कि यह काम पहली मई 2017 तक ही पूरा कर लिया जाएगा। 18452 गांवों में से बीते दो साल में आठ हजार से अधिक गांवों में बिजली पहुंच चुकी है।

राज्यों के विकास के लिए बिजली जरूरी


ऊर्जा मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए बिजली एक अहम कारक है। लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार में अभी भी करोडो़ं परिवार ऐसे हैं जो बिजली से वंचित हैं। देश में बिजली उपलब्ध है लेकिन राज्य जनता की जरूरतों के बावजूद बिजली खरीद नहीं रहे हैं। इसका क्या अर्थ है? गोयल ने कहा कि यह मानसिकता से जुड़ा है कि कोई राज्य अपनी जनता को किस रफ्तार से विकास की तरफ ले जाना चाहता है।