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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'सरकारें आती-जाती रहती हैं, हमें मिलकर देश की भलाई के लिए काम करना है'

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Thu, 03 Mar 2016 04:20 PM (IST)

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धन्यवाद भाषण दिया। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति का आभार जताते हुए कहा कि सभी को उनकी सलाह माननी चाहिए।

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नई दिल्ली। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धन्यवाद भाषण दिया। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति का आभार जताते हुए कहा कि सभी को उनकी सलाह माननी चाहिए। अपने भाषण की शुरूआत में पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के भाषण के कुछ अंश पढ़े।

मोदी ने कहा, मैं बिल पास कराने के लिए सांसदों का आह्वान करता हूं ताकि सिस्टम से दलालों को खत्म किया जा सके। ये उपदेश मेरा नहीं, राजीव गांधी का है, और हमें अपने बड़ों की बात माननी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने कहा था कि 'सदन नहीं चलने से सत्ता पक्ष से ज्यादा देश और विपक्ष को ज्यादा नुकसान होता है। मोदी ने कहा कि राजीव सदन में बहस पर जोर देते थे।

अहम बिलों का पास होना जरूरी

मोदी ने सदन में अहम बिल के पास ना होने पर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि 'पिछले दिनों जो सदन में हुआ उससे देश पीड़ित है, बिल लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने के लिए है। बिल रोककर किसी का भला नहीं है। जीएसटी पर मोदी ने कहा कि बिल को रोका जा रहा है। कुछ बिल पास हुए लेकिन आगे नहीं पहुंचे। उन्होंने सभी दलों को अहम बिल पास कराने में मदद का न्योता भी दिया।

इशारों में राहुल पर वार

राहुल गांधी का नाम लिए बिना मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को नई योजनाएं समझ में नहीं आती हैं। मेक इन इंडिया का मजाक उड़ा रहे हैं। ये देश के लिए है, कुछ लोगों की उम्र बढ़ती है समझ नहीं। लेकिन जब तक समझ बढ़ती है देर हो जाती है।

मोदी ने भाषण में राहुल गांधी द्वारा अध्यादेश फाड़े जाने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये देश उस बात को नहीं भुला सकता कि 27 सितंबर 2013 को मनमोहन सिंह द्वारा लाए गए अध्यादेश को एक प्रेस सम्मेलन में फाड़ दिया गया। बड़ों का ऐसा अपमान देश नहीं भूलेगा।

कांग्रेस ने जमाई गरीबी की जड़ें

गरीबों की भलाई के लिए इस प्रकार की योजना चलाई जाती है। पीएम मोदी ने कहा कि गरीबी की जड़ें इतनी जमा दी गई हैं कि उसे उखाड़ने में समय तो लगेगा। यह सच है कि इस देश में पिछले 60 साल में अगर गरीबी की समस्या को ठीक से देखा गया होता तो गरीब को गड्ढ़ा नहीं खोदना पड़ता।

मनरेगा, ग्राम सड़क योजना पर करें स्टडी

मनरेगा का इतिहास 50 साल पुराना है, इसका लाभ असल गरीबों को नहीं मिल रहा है। 'खड़गे जी ने कहा कि मनरेगा में बहुत भ्रष्टाचार है, मैं उनसे 1000% सहमत हूँ'। मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर कांग्रेस को स्टडी करनी चाहिए।

खाद्य सुरक्षा योजना पर निशाना

आठ राज्यों में खाद्य सुरक्षा का नामोनिशान नहीं, जिनमें से चार राज्य तो कांग्रेस शासित है। उन्होंने कहा कि लोग आपसे पूछेंगे कि केरल, मिजोरम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में योजना लागू क्यों नहीं की गई।

मोदी की विपक्ष से अपील
पीएम मोदी ने अपने भाषण के अंत में विपक्ष से कंधे से कंधा मिलाकर चलने की अपील भी की। सुधार के लिए हमें आपकी मदद चाहिए, मैं नया हूं।

इंदिरा गांधी के भाषण का जिक्र

'ऐसा कहा जाता है कि हम भीख का कटोरा लेकर निकले हो। और जब हम यह कहते है तो दूसरे लोग इसे चिल्लाकर कहते है। यह बात मैंने नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कही थी।'

अफसरशाही का जवाबदेही खत्म होती जा रही है

पीएम मोदी ने कहा कि संसद की कार्यवाही का स्तर इतना गिर गया है कि सांसद के प्रश्न के जवाब से अधिकारी अब डरते नहीं हैं। तू-तू मैं-मैं में अफसरशाही बेफिक्र होती जा रही है। एक सांसद सरकारी अधिकारी के लिए पीएम से कम नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि अफसरशाही की जवाबदेही समाप्त होती जा रही है। संसद में ही इनकी जवाबदेही तय होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि हमारी कार्यपालिका की जवाबदेही तय हो।

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