यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सोशल मीडिया पर शिकायत अब जवानों को पड़ेगा भारी, सेनाध्यक्ष ने दी कड़ी चेतावनी
जनरल रावत ने कहा कि सोशल मीडिया पर शिकायतें साझा करने से सीमा पर सरहद की रक्षा करते जवानों के मनोबल पर असर पड़ रहा है। ...और पढ़ें

नई दिल्ली(एएनआई)। भारतीय सेना के 69वें स्थापना दिवस के मौेके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने जहां एक तरफ पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस को लेकर कड़ी चेतावनी दी तो वहीं अपनी शिकायतें सोशल मीडिया पर साझा करनेवाले जवानों को दोबारा ऐसा ना करने की नसीहत दे दी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर डाले गए इन वीडियो को गलत बताते हए कहा कि इसके लिए उनके ऊपर कार्रवाई भी की जा सकती है। इतना ही नहीं इसके लिए उन्हें सजा भी हो सकती है। उन्होंने जवानों से कहा कि इस तरह की करतूत से उन जवानों को आघात पहुंचता है जो हर हाल में सीमा पर पूरी ईमानदारी और निष्ठा से देश की सेवा में तत्पर हैं।
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सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो से नाराजगी
सोशल मीडिया पर आए इस तरह के वीडियो पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि सेना का कोई भी जवान शिकायत पेटी के जरिए अपनी शिकायतों को उनके पास तक पहुंचा सकता है।साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जवान प्रॉपर चैनल के जरिए अपनी शिकायतों का निपटारा करवाएं। यदि इस दौरान वह संतुष्ट नहीं होते हैं तो उनसे सीधे संपर्क किया जा सकता है। वह हर समय अपने जवानों के लिए मौजूद रहेंगे।
पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाक को कड़े स्वरों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि भारतीय सेना की पहली प्राथमिकता सीमा पर शांति बनाए रखने की है। लेकिन यदि पाकिस्तान ने सीमा पर सीजफायर उल्लंघन किया तो इसका भी करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना किसी भी विपरीत स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है और हर वक्त तैयार भी है। जनरल रावत ने इस अवसर पर चीन से लगी सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि चीन से इस बाबत की गई बात का सकारात्मक हल निकला है और वहां सीमा पर शांति है।
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शहीद जवानों को श्रद्धांजलि
इससे पूर्व उन्होंने अपने समकक्ष नौसेना और वायुसेना प्रमुख के साथ मिलकर अमर जवान ज्योति पर जाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर आर्मी डे के मौके पर सभी जवानों को अपनी शुभकामना दी है। साथ ही उन्होंने सेना केे जवानों के जज्बे को भी सलाम किया है। पीएम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि भारतीय सेना के सभी जवानों, वेटरन्स और उनके परिवारों को ढेर सारी शुभकामनाएं। हम भारतीय सेना की अमूल्य सेवाओं और उनके साहस को सलाम करते हैं।
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(सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, वायु सेना प्रमुख बी एस धनोआ और भारतीय नौसेना सुनील लांबा ने अमर जवान ज्योति पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि)
बता दें कि इस दिन को मनाने की शुरुआत 1949 में लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा के सम्मान में हुई थी। यह 15 जनवरी 1949 वही दिन है जिस दिन भारतीय सेना अंग्रेजों से अलग हुई थी और करियप्पा को पहला कमांडर इन चीफ बनाया गया था। इसके बाद हर साल सेना के सभी कमांड हेडक्वार्टर और राजधानी दिल्ली में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। 1948 में सेना में केवल 2 लाख सैनिक थे लेकिन आज यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सेना है जिसमें 11 लाख से ज्यादा सैनिक थल सेना में अलग-अलग विभागों में काम करते हैं।
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