विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दुनिया के सबसे बड़े हैकाथॉन को संबोधित करेंगे मोदी

By Sachin BajpaiEdited By:
Updated: Fri, 31 Mar 2017 07:59 PM (IST)

देश के ऐसे पहले और दुनिया के सबसे बड़े कार्यक्रम 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन' को प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे।

दुनिया के सबसे बड़े हैकाथॉन को संबोधित करेंगे मोदी
दुनिया के सबसे बड़े हैकाथॉन को संबोधित करेंगे मोदी

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। शनिवार को जब देश की विभिन्न बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए देश भर के दस हजार से ज्यादा युवा प्रोग्रामर जुटेंगे तो उनके विचार जानने व हौसला बढ़ाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें भाग ले रहे होंगे। देश के ऐसे पहले और दुनिया के सबसे बड़े कार्यक्रम 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन' को प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे।

लोगों से जुड़ी बड़ी समस्याओं के नए समाधान तलाशने के लिए इंजीनियरिंग के छात्रों को उत्साहित करने के लिए हो रहे इस कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार के 29 विभाग भाग ले रहे हैं। इन विभागों ने अपने क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याओं की पहचान कर उन्हें इस प्रतियोगिता के विषय के तौर पर रखा था। इसमें खास तौर पर डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और मेक इन इंडिया अभियान पर जोर दिया गया है। शनिवार सुबह आठ बजे से इसका फाइनल मुकाबला शुरू होगा। यह कार्यक्रम रविवार रात आठ बजे तक चलेगा। इसे देश भर के 26 अलग-अलग जगहों पर आयोजित किया गया है। प्रधानमंत्री शनिवार को रात दस बजे प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।

फाइनल मुकाबले की तैयारी के लिए छात्रों को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसके लिए 2110 प्रशिक्षकों को लगाया गया था। इस फाइनल मुकाबले के दौरान इसमें भाग ले रही सभी टीम को 36 घंटे के लिए एक बंद जगह पर रह कर दी गई समस्या पर तकनीकी समाधान पेश करना होगा। इन्हें कंप्यूटर साफ्टवेयर के जरिए मोबाइल एप्लीकेशन तैयार करने होंगे। इनकी ओर से विकसित किए गए एप्लीकेशन का आकलन संबंधित मंत्रालय के विशेषज्ञ और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम करेगी। इसी के आधार पर विजेता का फैसला किया जाएगा। हर थीम पर तीन टीम को पुरस्कृत करने का प्रावधान किया गया है।

पहला पुरस्कार पाने वाले को एक लाख रुपए दिए जाएंगे। साथ ही उसका इस्तेमाल संबंधित मंत्रालय करेगा और जरूरत होगी तो आगे उसे और बेहतर करने की भी कोशिश करेगा। सभी विजेताओं को आपस में जोड़ने के लिए 'कम्यूनिटी ऑफ इनोवेटिव माइंड्स' के नाम से नेटवर्किग की व्यवस्था भी की गई है। इस कार्यक्रम को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) आयोजित कर रहा है।