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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार और संगठन में फेरबदल को लेकर चर्चा पूरी

By kishor joshiEdited By:
Updated: Thu, 30 Jun 2016 11:15 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच चार घंटे से ज्यादा लंबी बैठक हुई।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट और भाजपा संगठन में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चा मशविरा का दौर पूरा हो गया है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में दोनों जगह कुछ नए चेहरे दिखेंगे। हालांकि यह भी तय है कि यह बदलाव बहुत बड़ा नहीं होगा।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच चार घंटे से ज्यादा लंबी बैठक हुई। बताते हैं कि उस बैठक में उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर तो चर्चा हुई ही, संगठन और सरकार पर भी मशविरा हुआ।

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गौरतलब है कि शाह ने औपचारिक रूप से अपना कार्यकाल संभालने के बाद अब तक टीम में कोई बदलाव नहीं किया है। वैसे भी तीन उपाध्यक्ष, दो महासचिव और कोषाध्यक्ष का पद रिक्त है। महासचिव में कोई एक अनुसूचित जाति या जनजाति से होगा। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश और पंजाब और उत्तराखंड चुनाव की झलक संगठन और सरकार दोनों में दिखेगी। सूत्रों का कहना है कि पहले केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार की चर्चा थी लेकिन अब संभव है कि शुरूआत संगठन से हो। बताते हैं कि शाह ने राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और नितिन गडकरी से चर्चा के बाद प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उनसे राय ली है। उसी अनुरूप जल्द ही संगठन में बदलाव दिख सकते हैं। वहीं कैबिनेट में भी पांच से छह नए चेहरे जुड़ सकते हैं।

जाहिर तौर पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। अनुप्रिया पटेल समेत पूर्व से किसी अगड़ी जाति के नेता की लाटरी खुल सकती है। जबकि पश्चिम से जाट या गुर्जर चेहरा कैबिनेट में आ सकता है। ध्यान रहे कि जाट नेता संजीव बालियान पहले से ही कैबिनेट में हैं। कुछ नेताओं का ओहदा बढ़ने की संभावना है जिसमें उर्जा मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का नाम आगे है। नकवी की वरिष्ठ मंत्री नजमा हेप्पतुल्ला का जाना भी लगभग तय है।

उन्हें उम्र के कारण कैबिनेट से जाना पड़ेगा। ध्यान रहे कि एक दिन पहले ही मध्यप्रदेश कैबिनेट में बदलाव में भी 75 पार कर चुके कुछ मंत्रियों का जाना पड़ा है। सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट विस्तार मे उत्तराखंड को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। संगठन से महासचिव भूपेंद्र यादव को सरकार मे भेजा जा सकता है।

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