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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेएनयू मामले में कोई रियायत न हो, राष्ट्रविरोधी जेल भेजे जाएं: शिवसेना

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Mon, 15 Feb 2016 01:47 PM (IST)

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए भारत विरोधी नारे लगाने वाले छात्रों को जेल में डालने की अपील की है। अपने संपादकीय में पार्टी ने लिखा है कि इस तरह की गतिविधियों का समर्थन करने वाले नेातोअों को भी बख्शना नहीं चाहिए।

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मुंबई। शिवसेना का कहना है कि भारत विरोधी नारे लगाने वालों को तुरंत जेल के अंदर डाल देना चाहिए। पार्टी के मुताबिक जिस तरह से पाकिस्तान में विराट कोहली के एक समर्थक को भारत का झंडा लहराने के लिए देशद्रोही करार दिया गया है, ठीक इसी तरह से ऐसे लोगों को देशद्रोही करार दिया जाना चाहिए। पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में यहां तक लिखा है जो राजनेता इस तरह की गतिविधियों का समर्थन करते हैं उनसे भी उनका अधिकार छीन लेना चाहिए।

संपादकीय में कहा गया है कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय मौजूदा दौर में भारत विरोधी लोगों और चीन के एजेंटों का अड्डा बन चुका है। ऐसे जो भी लोग भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैें उन्हें तुरंत जेल के अंदर किया जाना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया है कि ऐसे लोग सरकार से पैसा लेकर हमारे ही देश के खिलाफ काम कर रहे हैं। इस विवाद के सामने आने के बाद और इसमें राजनेताओं की बयानबाजी पर भी पत्र में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है।

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इसमें कहा गया है कि जो नेता सामने आकर इसका समर्थन करता है तो उसके अधिकार छीनने के लिए भी कानून बनाया जाना चाहिए। ऐसे लोग पाकिस्तान से अाने वाले आतंकियों से भी ज्यादा खतरनाक हैं। शिवसेना का कहना है कि ऐसे संस्थान जहां पर याकूब मेमन और अफजल गुरू जैसे आतंकियों के लिए दुआएं की जाती हों, उनके खिलाफ एक ऑपरेशन चलाया जाना चाहिए।

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