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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डाकघरों को मिला बैंक का दर्जा, नाम बदलकर रखा 'इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक'

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Wed, 01 Jun 2016 11:00 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश भर के डाकघरों को बैंक का दर्जा दिया गया है और ये बहुत जल्द ही 'इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक' के नाम से जाना जाएगा।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारतीय डाक को एक बैंक में तब्दील करने की सरकार की मंशा अब पूरी हो गई है। आरबीआइ ने भारतीय डाक को पेमेंट बैंक के तौर पर काम करने के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी थी और अब केंद्र सरकार ने भी इसे हरी झंडी दिखा दी है।

जल्द ही देश भर भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक (आइपीपीबी) के नाम से यह काम शुरु कर देगा। कैबिनेट ने फिलहाल पोस्ट बैंक को देश भर में 650 ब्रांच खोलने की इजाजत दी है लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। बैंक पूरी तरह से प्रोफेशनल तरीके से चलाया जाएगा। संचार मंत्रालय इसके लिए एक सीइओ व अन्य प्रोफेशनल कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा।

पोस्ट बैंक का पूंजी आधार 800 करोड़ होगा

संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कैबिनेट के इस फैसले को भारतीय डाक व भारतीय बैंकिंग के लिए गेमचेंजर कदम बताया है। पेमेंट बैंक सितंबर 2017 से काम करना शुरू कर देगा। पोस्ट बैंक का पूंजी आधार 800 करोड़ रुपये होगा जिसमें 400 करोड़ रुपये इक्विटी के तौर पर और शेष 400 करोड़ रुपये की राशि बतौर ग्रांट उपलब्ध कराई जाएगी। यह पूरी तरह से सरकार की सौ फीसद हिस्सेदारी वाला उपक्रम होगा। प्रसाद ने बताया कि पहले उनके मंत्रालय ने तीन वर्षो में पोस्ट बैंक का पूरा विस्तार करने की योजना बनाई थी लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने इस काम को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। संचार मंत्रालय ने इस चुनौती को स्वीकार किया है।

650 शाखाएं अौर 5000 नए एटीएम लगेंगे

वैसे तो इसके अभी सिर्फ 650 शाखाएं होंगी लेकिन भारतीय डाक के तकरीबन डेढ़ लाख डाक घर और इसमें कार्यरत 1.7 लाख डाकिये भी इसकी सेवाओं के प्रसार में अहम भूमिका निभाएंगे। वैसे 650 शाखाओं के लिए 3500 नए कर्मचारियों की भर्ती भी होगी। साथ ही 5000 नए एटीएम भी खोले जाएंगे। मौजूदा डाक घरों को बैंकिंग सोल्यूशंस से जुड़े तकनीकी से पोस्ट बैंक से जोड़ दिया जाएगा। जिससे दूर दराज के गांव के लोगों को भी हर तरह की बैंकिंग सेवा मिलेगी।

डाकिए भी होंगे हाईटेक

प्रसाद ने बताया कि डाकिये को पोस्ट बैंक के मुताबिक बनाने का काम भी शुरु हो रहा है। हर डाकिये को आइ-पैड और बेहतर स्मार्ट फोन देने के सुझाव पर विचार हो रहा है। वैसे हर डाकिये को एक छोटा सा हैंड हेल्ड मशीन भी दी जाएगी जिससे वे ग्राहकों को घर पर ही हर तरह की बैंकिंग सेवा दे सकेंगे। पोस्ट बैंक कई तरह की सेवाएं देगा मसलन दूसरे बैंकों के लिए मासिक किस्त वसूलना, साधारण व जीवन बीमा देना, पेंशन, म्यूचुअल फंड्स आदि में निवेश की सुविधा उपलब्ध कराने का काम भी यह करेगा।

क्या क्या करेगा पोस्ट बैंक

1. एक लाख रुपये तक का भुगतान व जमा

2. दूसरे बैंकों के लिए मासिक किस्त वगैरह वसूलना

3. बीमा, पेंशन व म्यूचुअल फंड की बिक्री

4. सरकार की स्कीमों को ग्रामीण इलाकों में पहुंचाना

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