यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम में नहीं जाएंगे राष्ट्रपति
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी यमुना के किनारे आयोजित होने वाले आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। राष्ट्रपति भवन का कहना है कि अपरिहार्य कारणों के चलते राष्ट्रपति इस समारोह में शामिल नहीं हो सकेंगे।

नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी यमुना के किनारे आयोजित होने वाले आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। राष्ट्रपति भवन का कहना है कि अपरिहार्य कारणों के चलते राष्ट्रपति इस समारोह में शामिल नहीं हो सकेंगे।
तीन दिवसीय विश्र्व संस्कृति सम्मेलन शुक्रवार से शुरु होगा। इसका आयोजन धर्मगुरु श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से यमुना के बाढ़ के मैदान में किया जा रहा है। इससे पहले मुखर्जी ने इस समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होने की मंजूरी दी थी।
राष्ट्रपति भवन की ओर से आधिकारिक तौर पर बस इतना ही कहा गया है कि राष्ट्रपति अपरिहार्य कारण से इस आयोजन में शामिल नहीं हो सकेंगे। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि विश्र्व संस्कृति सम्मेलन के आयोजन पर पर्यावरण संबंधी विवाद उठने के चलते राष्ट्रपति ने इससे दूरी बनाना उचित समझा है।
इस बीच विश्र्व संस्कृति सम्मेलन यमुना के बाढ़ के मैदान में आयोजन को चुनौती देने वाली याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल मंगलवार को सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस कार्यक्रम का आयोजन जल प्रदूषण का उल्लंघन है। एनजीटी ने आयोजन को हरी झंडी देने से पहले जांच के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के सचिव शशि शेखर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी किया है।
आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के 35 साल पूरे होने के उपलक्ष में 11 से 13 मार्च तक यमुना के किनारे विश्र्व संस्कृति सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

