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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राज्यसभा में उठा निजी अस्पतालों की मनमानी का मुद्दा

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Tue, 19 Jul 2016 09:44 PM (IST)

संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा सरकार ने इन मामलों को संज्ञान में लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय उस दिशा में कार्य कर रहा है।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों में मरीजों के साथ होने वाली मनमानी का मामला राज्यसभा में उठा। शून्यकाल के दौरान सपा नेता नरेश अग्रवाल ने निजी अस्पतालों में होने वाली लापरवाही व वहां के डाक्टरों की मनमानी पर सख्त ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि इन अस्पतालों में बेवजह की जांच के नाम पर पैसा ऐठना आम है।

केंद्र सरकार ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। अग्रवाल ने कहा कि इन निजी अस्पतालों में तैनात डाक्टर दवा व जांच लिखने के नाम पर नर्सिग होम व मेडिकल स्टोर से कमीशन लेते हैं। इसके अलावा पिछले दिनों राजधानी दिल्ली के जाने माने अस्पतालों के खिलाफ कई खबरें आईं। एक बड़े अस्पताल में को किडनी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।

गलत पैर का ऑपरेशन पैसे वसूलने का मामला चर्चा में रहा। सपा नेता ने कहा कि सरकारें निजी अस्पतालों को सस्ती दर पर जमीन मुहैया कराती हैं। उसके लिए कुछ शर्तें होती हैं कि इन अस्पतालों में 25 फीसद गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाएगा। लेकिन शायद ही कोई अस्पताल होगा, जो इन शर्तो को पूरा करता हो।

संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा सरकार ने इन मामलों को संज्ञान में लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय उस दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर जल्द ही एक ठोस नीति बनाने की तैयारी में है।

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