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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजनीति से जाति और धर्म को अलग करना चाहिए : वेंकैया

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Updated: Wed, 20 Apr 2016 09:08 PM (IST)

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने आज हैदराबाद के बोरम्पेट गांव में ग्राम उदय से भारत उदय योजना पर बोलते हुए कहा कि हमें राजनीति में जाति और धर्म को अलगकर देना चाहिए।

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हैदराबाद, प्रेट्र। केंद्रीय नगरीय विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि राजनीति से जाति और धर्म को अलग कर देना चाहिए। देश में राजनीति लाभ के लिए अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण जारी है। वेंकैया नायडु ने हैदराबाद से लगे बोरम्पेट गांव में केंद्र की 'ग्राम उदय से भारत उदय योजना पर संभाषण के दौरान कहा कि रोहित वेमुला की मौत के बाद हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मुद्दे को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं ने असली मसले की ओर कभी कोई प्रयास ही नहीं किया।

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उन्होंने कहा, 'हैदराबाद यूनिवर्सिटी में इससे पहले दस (छात्रों) ने आत्महत्या की थी। विपक्ष की भाषा में इसमें से कुछ दलित भी थे। लेकिन तब कोई सहानुभूति जताने नहीं आया क्योंकि तब वह सत्ता में थे। सभी (जनवरी में) इसतरह आए जैसे किसी धर्मस्थल पर आए हों।

उन्होंने कहा कि नेताओं ने सामाजिक समरसता लाने और ऐसी घटनाओं को आगे होने से रोकने पर विचार करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला शुरू कर दिया। उन लोगों ने यह कहने के बजाय कि समस्या क्या है? उसने आत्महत्या क्यों की? क्या आरोप सही हैं? कैसे मसले को सुलझाया जाए? सिस्टम को कैसे बदला जाए? जिम्मेदार कौन है? क्या एक्शन लेने की जरूरत है कहने के बजाय उन्होंने कहा, मोदी।