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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फ्रांस के साथ राफेल विमान सौदा लगभग अंतिम चरण में पहुंचा

By Atul GuptaEdited By:
Updated: Mon, 12 Sep 2016 10:28 PM (IST)

बता दें कि पिछले साल अप्रैल में फ्रांस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदने की घोषणा की थी।

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नई दिल्ली, प्रेट्र । फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है। केंद्र सरकार अब फ्रांस के साथ अंतर-सरकार समझौते (आइजीए) पर काम कर रही है।

इस बारे में पूछे जाने पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा, 'समझौता अंतिम चरण में है।' सरकारी सूत्रों ने बताया कि विमानों की कीमत, ऑफसेट और सर्विस से संबंधित विवरणों को अंतिम रूप दे दिया गया है। अंतर-सरकार समझौते पर भी काम जल्द ही खत्म कर लिया जाएगा। इस सौदे पर फ्रांस के साथ वार्ता कर रही टीम ने पिछले महीने अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी।

रक्षा मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद इसे समीक्षा और मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया गया था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने विमानों का इकाई मूल्य और जीवनचक्र लागत को लेकर कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे, जिनका जवाब दे दिया गया था। उड़ने योग्य स्थिति में इन लड़ाकू विमानों का सौदा करीब 7.89 अरब यूरो में होने की उम्मीद जताई जा रही है। विमानों की हथियार प्रणाली भी इसी सौदे का हिस्सा है। विमानों की आपूर्ति 2019 से शुरू होने की संभावना है।

बता दें कि पिछले साल अप्रैल में फ्रांस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदने की घोषणा की थी। फिर इस साल जनवरी में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद की भारत यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। शुरुआत में सौदे के लिए 10 अरब यूरो की मांग की गई थी। लेकिन, भारत की कड़ी सौदेबाजी के बाद फ्रांस सरकार छूट देने और कई मानकों पर काम करने को तैयार हो गई थी।

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