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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुश्किल में राहुल को याद आई गंगा

By manoj yadavEdited By:
Updated: Tue, 18 Nov 2014 09:13 PM (IST)

पंडित नेहरू की 125वीं जयंती पर आयोजित सम्मेलन में राहुल गांधी को गंगा और यमुना बहुत याद आई। नेहरूको याद करने के बहाने प्रयाग की त्रिवेणी में डुबकी लगाते-लगाते गंगा के प्रति नतमस्तक हुए। भरपूर डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि इसी प्रयाग की महान धरती पर जन्मे पंडित नेहरू ने

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पंडित नेहरू की 125वीं जयंती पर आयोजित सम्मेलन में राहुल गांधी को गंगा और यमुना बहुत याद आई। नेहरूको याद करने के बहाने प्रयाग की त्रिवेणी में डुबकी लगाते-लगाते गंगा के प्रति नतमस्तक हुए। भरपूर डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि इसी प्रयाग की महान धरती पर जन्मे पंडित नेहरू ने दुनिया को शांति का संदेश दिया।

राहुल ने दुनिया की खूनी क्रांतियों पर रोशनी डालते हुए गंगा-जमुनी तहजीब से निकले जवाहरलाल नेहरू के अहिंसात्मक आंदोलन का जिक्र किया। दरअसल, गंगा की महत्ता को समझते हुए ही राहुल ने उत्तर प्रदेश में अपने नये सियासी सफर शुरू करने का एलान कर रखा है। इसी क्रम में वह जल्दी ही बनारस के ऐतिहासिक स्थल सारनाथ से यात्रा की शुरुआत करने वाले हैं।

नेहरू को अपना राजनीतिक प्रेरणास्त्रोत मानते हुए राहुल उन्हीं के नक्शे कदम पर चलने की कोशिश कर रहे हैं। जिस गंगा किनारे से पंडित नेहरू ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी, उसी गंगा जमुनी धरती से अब राहुल अपना सियासी सफर शुरू करना चाहते हैं।

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