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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईपीएफ टैक्स पर राहुल का मोदी पर हमला, लेकिन तथ्य पर लड़खड़ाए

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Thu, 03 Mar 2016 09:00 PM (IST)

कालेधन पर अपना 'फेयर एंड लवली' जुमला हिट होने से उत्साहित कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ईपीएफ पर आयकर के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कालेधन पर अपना 'फेयर एंड लवली' जुमला हिट होने से उत्साहित कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ईपीएफ पर आयकर के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। हालांकि, इस दौरान जानकारी के अभाव में वे कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) को सरकारी कर्मचारियों से जोड़ गए। उन्होंने काले धन पर केंद्र सरकार की योजना को चोरों के लिए करार दिया और साथ ही कहा कि सरकारी कर्मचारी जो देश की रीढ़ हैं, उनके ईपीएफ पर टैक्स वापस लिया जाए।

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दरअसल, ईपीएफ योजना निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए होती है। सरकारी कर्मचारियों का जीपीएफ कटता है, जिस पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया है। ईपीएफ के साठ फीसदी हिस्से के ब्याज पर टैक्स लगाया गया है। राहुल इसी को वापस लेने की बात कर रहे थे, लेकिन इससे सरकारी कर्मचारियों को जोड़ गए।

राहुल ने संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 'सरकारी कर्मचारी को राहत मिलनी चाहिए और ईपीएफ पर टैक्स वापस लिया जाए। आपने फेयर एंड लवली स्कीम चोरों को दी है, हमारे सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलनी चाहिए, चोरों को नहीं।' राहुल ने कहा कि 'मैंने कल भी अपने भाषण में कहा था कि फेयर और लवली स्कीम चोरों के लिए लॉन्च किया गया है। सरकार को ईमानदार करदाताओं के लिए कुछ करना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि आज अपने भाषण में पीएम ईपीएफ पर टैक्स का फैसला वापस लेंगे।'

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