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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश में बनेंगे 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले रेल कोच

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Mon, 23 Feb 2015 06:41 PM (IST)

रेलवे अपने चेन्नई कारखाने में ऐसे रेल कोच बनाएगा, जो 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने की क्षमता रखेंगे। नरेंद्र मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।

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नई दिल्ली। रेलवे अपने चेन्नई कारखाने में ऐसे रेल कोच बनाएगा, जो 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने की क्षमता रखेंगे। नरेंद्र मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।

रेल बजट 2015-16 में इंटरसिटी सेवाओं में यात्रा अधिक आरामदायक बनाने के लिए एसी कोच लगाने का प्रस्ताव किया जा सकता है। इस साल के रेल बजट प्रस्तावों के अनुसार रेलवे अपने चेन्नई के कारखाने में 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम 20 कोचों का प्रोटोटाइप रैक बनाएगी। अभी तक रेलवे द्वारा निर्मित कोच की अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रति घंटे है।

क्रैंक शाफ्ट, अल्टरनेटर और फो‌र्ज्ड ह्वील का निर्माण भी देश में ही करने का प्रस्ताव है। सूत्रों के अनुसार अपने पहले रेल बजट में रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी परिवहन सेवा प्रदाता की वित्तीय सेहत सुधारने पर जोर देंगे। यात्री सेवाओं में सुधार पर भी उनका जोर रहेगा। इसके अलावा नेत्रहीन यात्रियों के लिए सभी नए कोचों में ब्रेल साइनेज का प्रस्ताव भी रेल बजट में किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक इस साल के रेल बजट में जोर ग्राहकों की संतुष्टि पर होगा। इसके तहत इंटरसिटी सेवाओं के लिए डीजल इलेक्टि्रक मल्टीपल यूनिट (डेमू) को वातानुकूलित करने के अलावा डीजल इंजनों में ध्वनि कम करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। इंटरसिटी सेवाएं 160 किमी तक की दूरी कवर करती हैं। आमतौर पर इस सेवा का इस्तेमाल रोजाना आने जाने वाले यात्रियों द्वारा किया जाता है।

बजट में इंटरसिटी सेवाओं से यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने पर जोर दिया जाएगा। पूर्वोत्तर में रेल संपर्क बढ़ाने के लिए रेल मंत्री पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए राष्ट्रीय परियोजना के रूप में डेमू सेवाओं की भी घोषणा कर सकते हैं। रेल बजट 26 फरवरी को पेश किया जाएगा। इसमें देश में विश्वस्तरीय निर्माण सुविधाओं पर जोर दिया जाएगा।