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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजधानी और शताब्दी में नहीं लगेंगे झटके

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Updated: Fri, 29 Aug 2014 08:29 PM (IST)

ट्रेन का सफर अब और भी फील गुड कराएगा। राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस से सफर करने वाले यात्रियों को अब झटके नहीं लगेंगे। इन ट्रेनों के कोचों में जर्क फ्र ...और पढ़ें

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आगरा, जासं। ट्रेन का सफर अब और भी फील गुड कराएगा। राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस से सफर करने वाले यात्रियों को अब झटके नहीं लगेंगे। इन ट्रेनों के कोचों में जर्क फ्री कपलिंग लगाई जा रही है। यह तकनीक अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन [आरडीएसओ] ने विकसित की है। नवंबर से नई दिल्ली से आगरा के बीच दौड़ने जा रही हाईस्पीड ट्रेन के सभी कोच भी जर्क फ्री होंगे।

राजधानी और शताब्दी सहित कई अन्य ट्रेनों में लिंके हॉफमैन बुश [एलएचबी] कोच का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन डिब्बों में सेंटर बफर कपलर लगा होता है। इससे दुर्घटना होने पर यह कोच एक दूसरे पर चढ़ते नहीं हैं और कोच के पलटने का भी कम खतरा रहता है। लेकिन झटके लगने की शिकायतें मिलती रहती हैं। इस समस्या से निपटने को आरडीएसओ, लखनऊ पिछले कई साल से जर्क फ्री कंपलिंग पर शोध का रहा है। इस कार्य में आस्ट्रेलिया की सेंटर फॉर रेलवे इंजीनियरिंग की भी मदद ली। सेंट्रल बफर कपलर में तकनीकी बदलाव किया।

आरडीएसओ ने अब जर्क फ्री कपलिंग विकसित कर ली है। पिछले दिनों इस कपलिंग का ट्रायल भी किया गया। ट्रायल सफल होने के बाद अब टेस्टिंग के लिए परीक्षण निदेशालय भेजा गया है। जल्द ही इसे ट्रेनों में लगाया जाएगा।

पहले चरण में 410 कपलिंग का ऑर्डर

आरडीएसओ पहले चरण में 410 कपलिंग का ऑर्डर देने जा रहा है। यह कपलिंग रेल फैक्ट्री कपूरथला में बनेंगे। आरडीएसओ के कार्यकारी निदेशक एके माथुर का कहना है कि कोचों में जर्क फ्री कपलिंग लगने से यात्रियों को झटके नहीं लगेंगे। हाई स्पीड ट्रेनों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

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