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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेरे तल्ख बयानों से 1996 में जयललिता को नहीं मिली कमान : रजनीकांत

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Mon, 12 Dec 2016 06:01 AM (IST)

मशहूर फिल्मी सितारे रजनीकांत ने कहा कि तल्खी के बावजूद जयललिता उनकी बेटी की शादी में शामिल हुईं। इससे साफ होता है कि वो बड़े दिल वाली महिला थीं।

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चेन्नई(जेएनएन)। दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने माना कि जयललिता उनकी वजह से 1996 में चुनाव हारी थीं। चुनावों के दौरान उन्होंने जयललिता और उनकी सरकार के बारे में लिखा और आलोचना की थी। रजनीकांत ने 1996 में कहा था कि यदि जयललिता की पार्टी चुनकर फिर सत्ता में आई तो भगवान भी तमिलनाडु को बचा नहीं सकता है।

'बड़े दिलवाली महिला थीं जयललिता'

जयललिता की शोकसभा में बोलते हुए रजनीकांत ने कहा कि इस सबके बावजूद जयललिता ने उनकी बेटी की शादी में शिरकत की। काफी हिम्मत जुटाकर उन्होंने जयललिता को अपनी बेटी की शादी के लिए आमंत्रित किया था। जयललिता ने एक अन्य शादी में शिरकत करने की बात कही और उनकी बेटी की शादी में भी आने पर हामी भरी।

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...जब जयललिता ने कहा शादी में जरूर होंगी शामिल

जयललिता की आलोचना करने के बाद उन्हें अपनी बेटी की शादी में बुलाने पर रजनीकांत काफी असहज महसूस कर रहे थे। लेकिन जयललिता ने उनकी बेटी की शादी में शिरकत कीं, जिससे वो अभिभूत हो गए। उन्होंने कहा कि ऐसी गोल्डन हार्ट लेडी का हमारे बीच न होना वाकई अफसोसजनक है। रजनीकांत ने उन्हें कोहिनूर हीरा भी कहा.

मौत से 74 दिन संघर्ष

5 दिसंबर 2016 को चेन्नई अपोलो अस्पताल में रात 11:30 बजे उनका निधन हो गया था। जयललिता 22 सितंबर से अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं, उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद आईसीयू में भर्ती कराया गया था। जयललिता को मरीना बीच पर एआईएडीएमके के संस्थापक और जयललिता के राजनीतिक गुरु एमजीआर की समाधि के पास ही दफना दिया गया था।

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